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मंडलीय अधिकारी करेंगे आवास के बदले घूस की जांच

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आजमगढ़। पवई ब्लाक में आवास के लिए लाभार्थियों के चयन में प्रति आवास 15 हजार की वसूली का प्रकरण शासन तक पहुंच गया है। ब्लाक के प्रधानों ने कैबिनेट मंत्री मोती सिंह, स्वामी प्रसाद मौर्य, ओमप्रकाश राजभर से मामले की शिकायत की है। तीनों मंत्रियों ने आयुक्त ग्राम्य विकास से कहा है कि शिकायतकर्ताओं के जनपदीय अधियारियों पर भरोसा नहीं है। इसलिए मामले की जांच किसी मंडलीय अधिकारी से कराई जाए। आयुक्त ग्राम्य विकास ने कमिश्नर को मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
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प्रधानमंत्री आवास को लेकर इस समय पवई ब्लाक चर्चाओं में हैं। प्रधान बीडीओ पर प्रधानमंत्री आवास के पंजीकरण के नाम पर प्रति लाभार्थी 15 हजार रुपये वसूलने के आरोप लगा रहे हैं। ग्राम आंधीपुर की प्रधान अनारा देवी ने ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह से, दत्तापुर के प्रधान दिलीप ने पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर से और प्रधान अनीता देवी, लक्ष्मण यादव, रामचंद्र, प्रतापू आदि ने श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य से मामले की शिकायत की है। शिकायत मिलने के बाद तीनों मंत्रियों ने आयुक्त ग्राम्य विकास नागेंद्र प्रसाद सिंह को निर्देशित किया है कि प्रकरण गंभीर है। तीनों मंत्रियों का पत्र मिलने के बाद आयुक्त ग्राम्य विकास नागेंद्र सिंह ने कमिश्नर आजमगढ़ को मामले की जांच किसी मंडलीय अधिकारी से करा कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यदि शासन स्तर से किसी कार्रवाई की जरूरत पड़ती है तो अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। पवई ब्लाक के प्रधान इससे पहले डीएम और सीडीओ से मामले की शिकायत कर चुके हैं। कोटवा में प्रधानों के सम्मेलन के बाद और कलक्ट्रेट में भी जिलाधिकारी से शिकायत की गई थी। प्रधान सीडीओ के पास भी पहुंचे थे। कुछ प्रधानों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बीडीओ की जांच ऐसे अधिकारी से कराने से की बात कही जा रही थी जो इस मामले में संदिग्ध है।
प्रधानों के इन आरोपों का खंडन करते हुए बीडीओ पवई ने प्रधानों पर ही अपात्रों की सूची देने का आरोप लगाया था। उन्होंने बताया था कि प्रधान अपात्रों का चयन कराना चाहते हैं। सचिव को गांव में जाकर सत्यापन नहीं करने दिया जा रहा है। वहीं, प्रधानों का कहना था बीडीओ वसूली के फेर में प्रधानों की नहीं सुन रहे हैं।
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