आजमगढ़। शासन की मंशा के अनुरूप जन समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए मंगलवार को फूलपुर तहसील सहित समस्त तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। फूलपुर में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर कुल 87 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत हुए जिसमें 11 का मौके पर निस्तारण हो गया। शेष वादों को निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को सौंप दिया गया।
मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह ने कहा कि अधिकांश मामले राजस्व और भूमि विवाद के रहे। जिसे सीडीओ ने श्रावस्ती माडल के तहत निस्तारित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस मौके पर एसडीएम एके सिंह, एसपी ग्रामीण एनपी सिंह, सीएमओ डा. एसके तिवारी, सूचना अधिकारी अंजनी कुमार मिश्र, डीडीओ विजय कुमार आदि उपस्थित थे। निजामाबाद प्रतिनिधि के अनुसार एसडीएम बागीश कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 42 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत हुए जिनमें से पांच वादों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक आलमबदी आजमी ने भी उपस्थित होकर लोगों की समस्या सुनी। मेंहनगर प्रतिनिधि के अनुसार संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन एसडीएम आशाराम यादव की अध्यक्षता में हुआ। इस दौरान 21 शिकायती पत्रों में से एक शिकायत का मौके पर निस्तारण कर शेष को संबंधित विभागों के हवाले कर दिया गया। लालगंज में संपूर्ण समाधान दिवस मुख्य राजस्व अधिकारी आलोक वर्मा की अध्यक्षता में हुआ। 25 आवेदन आए। एसडीएम अभय कुमार मिश्र, तहसीलदार कृष्णानंद तिवारी, नायब तहसीलदार प्रियंका जायसवाल उपस्थित रहीं।
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किसी ने खाद्यान्न तो किसी ने की फर्जी बैनामें की शिकायत
मेजवां। फूलपुर तहसील क्षेत्र के चकपनाही गांव निवासिनी असगरी पुत्री जमील ने शिकायत किया कि मेरे पिता मोहम्मद जलील मुंबई रहते हैं। गांव में जमीन का फर्जी बैनामा मेरे पिता की बहन की लड़की ने करा लिया। इसके साथ ही उसका दाखिल खारिज भी करा लिया। जबकि उनके पिता मुंबई से कभी गांव आए ही नहीं। इसकी शिकायत छह फरवरी को भी की गई थी लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
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ग्राम प्रधान सुदनीपुर महेंद्र प्रसाद ने खाद्यान्न वितरण की सूची में अपात्रों का नाम शामिल करने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि पात्र लोगों के सूची का सर्वेक्षण कराया गया था जिसमें अपात्रों की भी सूची भेजी गई थी। लेकिन पात्रों का शामिल करने के बजाए अपात्रों को उसमें शामिल कर लिया गया। पूर्ति निरीक्षक से शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। इस बात को लेकर गांव के लोगों में रोष व्याप्त है।