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योजना बंद लेकिन नहीं वितरित हुई धनराशि

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आजमगढ़। पूर्व में संचालित दशम् छात्रवृत्ति योजना वर्ष 2013-14 में ही बंद हो चुकी है। इस योजना के तहत छात्रवृत्ति वितरण ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से होता था। लेकिन आज भी यह धनराशि ग्राम निधि के खाते में पड़ी हुई है।
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जिलाधिकारी चन्द्रभूषण सिंह ने बताया है कि समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित पूर्व दशम छात्रवृत्ति जो अनुसूचित जाति/सामान्य जाति के कक्षा एक से आठ तक के छात्रों को ग्रामनिधि-तीन के खाते से संचालित है, में वितरण हेतु भेजी गई थी। इन खातों में धनराशि का प्रेषण जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा छात्रों की सूची के मांग के अनुसार किया गया था। जिन बच्चों की धनराशि भेजी गई थी लेकिन संज्ञान में आ रहा है कि ब्लाक स्तर पर तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों द्वारा समय पर धनराशि का वितरण नहीं किया गया। धनराशि समय पर वितरित न होने के कारण पर्याप्त मात्रा में खाते में धनराशि लंबित है। यह योजना वित्तीय वर्ष 2013-14 तक संचालित थी जो वर्तमान में शासन द्वारा बंद कर दी गई है। जिससे अवशेष शासकीय धनराशि के दुरुपयोग की संभावना है। जबकि छात्रवृत्ति की धनराशि का वितरण वित्तीय वर्ष के जुलाई से अप्रैल के मध्य प्रत्येक दशा में हो जाना चाहिए था। खाते में अवशेष पड़ी अवितरित धनराशि को तत्काल ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा जिला समाज कल्याण अधिकारी को जून के माह में ट्रेजरी चालान के माध्यम से वापस कर देना चाहिए, जिससे अवितरित धनराशि को समय से शासकीय कोष में जमा कराया जा सके। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी के स्तर से भी समस्त खंड विकास अधिकारियों को अवितरित धनराशि वापस करने और उपभोग प्रमाण-पत्र भेजने के लिए निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी तक अवशेष धनराशि वापस नही की गई है। जिलाधिकारी ने एलडीएम को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित प्रारुप पर समस्त बैंक शाखाओं में अवितरित छात्रवृत्ति की धनराशि को ट्रेजरी चालान के माध्यम से विभागीय लेखा शीर्षक में जमा कर चालान की प्रति जिला समाज कल्याण अधिकारी को एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराएं।
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