आजमगढ़। जिलाधिकारी चन्द्रभूषण सिंह ने शनिवार को जिला अस्पताल में पांच लोगों को दवा खिलाकर राष्ट्रीय फाइलेरिया एमडीए (सामूहिक दवा वितरण) कार्यक्रम का उद्घाटन किया। फाइलेरिया कार्यक्रम 10 फरवरी से 12 फरवरी तक चलेगा। जनपद में 43,11000 लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाने का लक्ष्य है। लक्ष्य को पूरा करने के लिए 1816 टीमें डोर-टू-डोर फाइलेरिया की दवा पिलाने के लिए लगाई गई हैं। टीम में 5449 कर्मचारी हैं। 384 पर्यवेक्षक और 88 चिकित्साधिकारी तैनात किए गए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री और एएनएम की ड्यूटी लगाई गई है। फाइलेरिया की रोकथाम के लिए वर्ष में एक बार डीईसी और एलबेन्डाजोल की एक खुराक प्रत्येक व्यक्ति को दी जाती है। उन्होंने बताया कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोग से ग्रसित व्यक्ति को दवा की खुराक न खिलाएं, दवा खाली पेट भी न लें। फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छरों और बोनक्राफ्टी कृमि से पैदा होने वाली बीमारी है। इस रोग में रोगी के पैरों में सूजन होकर पैर हाथी के पैर के सामान मोटे हो जाते हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एसके तिवारी ने पल्हनी और रानी की सराय के क्षेत्रों का दौरा कार्यक्रम का जायजा लिया। दवा खिलाने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। एसीएमओ डा. संजय ने तहबरपुर, सठियांव और जहानागंज ब्लाक का निरीक्षण किया। एसआईसी डा. जीएल केशरवानी उपस्थित रहे।
समेंदा गांव में लोगों को खिलाई फाइलेरिया की दवा
अमिलो। शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य मिशन के तहत तीन दिवसीय फायलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत शनिवार को सठियांव के स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी राहुल कांत यादव के नेतृत्व में समेंदा गांव के लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई गई। इस दौरान टीम ने लोगों को इस रोग के प्रति जागरूक किया।