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11 बुनकर समितियों पर कार्रवाई इसी हफ्ते

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आजमगढ़। मुबारकपुर की 11 बुनकर समितियों से 1.40 करोड़ की रिकवरी के मामले इसी सप्ताह कार्रवाई हो सकती है। आयुक्त हथकरघा कार्यालय कानपुर में जांच रिपोर्ट और पंजीकरण नियमावली में कार्रवाई के प्रावधानों का परीक्षण किया जा रहा है। इसमें ये तय होगा कि रिकवरी के साथ ही दोषी ठहराए गए समिति संचालकों और अन्य विभागीय अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की जाएं। इसके साथ ही क्षेत्र की 150 अन्य समितियों में इसी तरह के फर्जीवाड़े का मामला सामने आने पर इनके खिलाफ भी जांच के आदेश दो-तीन दिन में जारी हो सकते हैं।
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शिकायत पर जिलाधिकारी की ओर से गठित टीम में शामिल अपर जिला अर्थ एवं सख्यधिकारी सुनील सिंह, मुख्य कोषाधिकारी विजयशंकर और सहायक निबंधक राम किंकर ने मुबारकपुर की 11 बुनकर समितियों की जांच की थी। सभी को फर्जी बैलेंशसीट के आधार पर अनुदान लेने का दोषी पाया गया था। समितियों से 1.40 करोड़ की रिकवरी की सिफारिश के अलावा सभापति और सचिव के साथ ही फर्जी बैलेंसशीट बनाने वाले सीए, विभागीय क्षेत्रीय पर्यवेक्षक, निरीक्षक और अधिकारियों पर कार्रवाई की संस्तुति की थी।
आयुक्त हथकरघा कार्यालय कानपुर में जांच रिपोर्ट मिलने के बाद पंजीकरण नियमावली में कार्रवाई के प्रावधानों का परीक्षण किया जा रहा है। इसमें ये तय होगा कि रिकवरी के साथ ही दोषी ठहराए गए सभापति और सचिव के साथ ही फर्जी बैलेंसशीट बनाने वाले सीए, विभागीय क्षेत्रीय पर्यवेक्षक, निरीक्षक और अधिकारियों पर क्या विधिक कार्रवाई की जाएं।
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कोट
जिलाधिकारी आजमगढ़ की ओर से भेजी गई जांच रिपोर्ट मिल गई है। रिकवरी और पंजीकरण निमावली में कार्रवाई के प्रावधानों का परीक्षण किया जा रहा है। क्या कार्रवाई होगी, दो-तीन दिन के भीतर समितियों पर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। अन्य समितियों की भी जांच कराई जाएगी।
केपी वर्मा, डिप्टी डायरेक्टर हथकरघा कार्यालय कानपुर

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150 और समितियों पर लटकी तलवार
जांच रिपोर्ट में मुबारकपुर में ऐसी 150 समितियों का जिक्र किया गया है जिन्हें एनएचडीपी योजना के तहत दो बार में बुनकरों के उत्थान के लिए 30 करोड़ रुपये से ज्यादा की धनराशि मिली है। इन समितियों की रैडम जांच में फर्जीवाड़ा की पुष्टि की गई है। अभी हथकरघा विभाग से इन समितियों की जांच की बात भी कही जा रही है। इससे समिति संचालकों को होश उड़े हुए हैं।
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