आजमगढ़। सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तर बहने वाली छोटी सरयू नदी के दोनों तरफ कल्याणपुर से टेकनपुर और कल्याणपुर से जोकहरा होते हुए टेकनपुर तक दोनों तरफ बंधे का निर्माण कराया गया है। बंधे पर करीब 10 किमी दोनों तरफ विभाग द्वारा और ब्लॉक से खड़ंजे का निर्माण कराया गया था। लेकिन आज बंधे पर लगी लगभग 17 लाख ईंटें गायब हो चुकी है। वहीं विभाग ने मौन साध लिया है जबकि ग्रामीणों ने इसकी जांच की मांग की है। पिछली बार मार्च-अप्रैल में ही दोनों तरफ के खड़ंजे को उखाड़ा गया। इनमें से 10 से 15000 ईंटे अभी तक स्टाक में रखी गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उस समय औने पौने दाम पर विभाग ने पूरी ईंटों को बेच दिया और उसका भी कोई अता पता नहीं चला।
शासन द्वारा लाखों रुपए की लागत से बंधे की सुरक्षा के लिए खड़ंजा लगाया गया था। एक किमी में लगभग 171000 ईंटें लगती हैं। इस तरह से लगभग दोनों बंधे पर 10 किमी में लगभग 17 लाख ईटें लगाकर खड़ंजा लगाया गया था। जिसकी कीमत आज लगभग एक करोड़ होगी। ब्लॉक और सिंचाई विभाग के द्वारा लगाए गए खड़ंजे में उपयोग किए गए थे। इसका कहीं कोई पता नहीं है और न कोई हिसाब है। इस संबंध में जब सिंचाई विभाग से पूछा गया तो जवाब नहीं दिए और ना अधिशासी अभियंता फोन उठा रहे हैं।
जेई का कहना है कि इसके बारे में अधिशासी अभियंता ही बताएंगे। खड़ंजा उखाड़ने का कारण बंधे को ऊंचा करना था। बंधे को ऊंचा किया गया।वहीं गांगेपुर के रामनिवास यादव, परसिया से भजुराम पटेल, राजेश यादव, बरामदपुर से दिनेश पटेल, श्रीनिवास पटेल आदि का कहना है कि इस मामले की जांच कराई जाए कि आखिर खड़ंजे से निकली ईंटें गई कहां। इस मामले में एसडीएम सगड़ी गौरव कुमार ने कहा कि इसकी जांच कराई जाएगी।