फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नि:शुल्क ड्रेस वितरण योजना से बाहर हुए एडेड स्कूल

विज्ञापन
विज्ञापन
पल्हनी। प्राथमिक व जूनियर विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए सरकार नि:शुल्क ड्रेस का वितरण योजना चला रही है। लेकिन इस योजना से अब एडेड, समाज कल्याण व मदरसा बोर्ड के विद्यालयों को अलग कर दिया गया है। शासन से भेजी गई दूसरी किस्त की धनराशि में इन विद्यालयों में ड्रेस वितरण के लिए पैसा नहीं दिया गया है। शासन द्वारा राजकीय, परिषदीय, सहायता प्राप्त माध्यमिक, समाज कल्याण विभाग व मदरसा बोर्ड से संचालित प्राथमिक व जूनियर विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को ड्रेस उपलब्ध कराया जा रहा है। यह योजना विगत कई वर्षों से संचालित है। वर्तमान शिक्षण सत्र में जिले में यूनिफार्म वितरण के लिए 14 करोड़ की धनराशि की आवश्यकता निर्धारित हुई थी। जिसमें पहली किस्त के रूप में आठ करोड़ रुपये शासन ने भेजा था। उक्त धनराशि बच्चों को ड्रेस वितरित करने के लिए सभी राजकीय, परिषदीय, सहायता प्राप्त माध्यमिक, समाज कल्याण विभाग व मदरसा बोर्ड से संचालित विद्यालयों को उपलब्ध करा दिया गया। शासन ने अब दूसरी किस्त के रूप में मात्र पांच करोड़ रुपये ही बेसिक शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराए है। जिसके चलते यूनिफार्म वितरण के मद में दूसरी किस्त की धनराशि सिर्फ राजकीय व परिषदीय विद्यालयों को ही भेजी गई है। एडेड, समाज कल्याण व मदरसा बोर्ड के विद्यालयों के भेजे जाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के पास धनराशि ही नहीं बची। यूनिफार्म वितरण की दूसरी किस्त न मिलने से एडेड, समाज कल्याण व मदरसा बोर्ड के विद्यालयों में उहापोह की स्थिति उत्पन्न हो गई है। क्योंकि ज्यादातर विद्यालयों द्वारा पहली किस्त मिलने के बाद ही सभी बच्चों को खुद के पैसे लगा कर यूनिफार्म उपलब्ध करा दिया। अब दूसरी किस्त न मिलने से उनके समक्ष परेशानी खड़ी हो गई है।
विज्ञापन


शासन ने दूसरी किस्त की धनराशि के साथ ही इस पैसे को सिर्फ राजकीय व परिषदीय विद्यालयों को भेजने का फरमान भी दिया है। जिसके चलते ही दूसरी किस्त में एडेड, मदरसा बोर्ड व समाज कल्याण विभाग के विद्यालय बाहर हो गए है। अब यदि शासन और धनराशि उपलब्ध कराती है तो उन्हें भी भेजा जाएगा।
विज्ञापन

देंवेंद्र कुमार पांडेय, बीएसए, आजमगढ़।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें