आजमगढ़। रिश्वत के लिए लोगों पर दबाव नहीं बनाने पर एक वरिष्ठ कर्मचारी ने खुद के डिमोशन का आरोप लगाया है। ऐसे में सहायक निबंधन फर्म्स सोसाइटी एवं चिट्स आजमगढ़ में तैनात इस कर्मचारी ने मुख्यालय पत्र भेजकर अपना स्थानांतरण अन्यत्र किसी जिले में करने की मांग की है।
पीड़ित कर्मचारी के मुताबिक करीब बीस वर्ष से अधिक उसकी नौकरी के कार्यकाल में अब तक एक भी नोटिस तक नहीं मिलना उसके ईमानदारी और निष्ठा का सबूत है। जबकि अन्य लोगों पर तमाम तरह के आरोप लगे और उनकी अभी जांच चल रही है। कर्मचारी ने बताया कि उसके कार्य क्षमता को देखते ही उसे मुख्यालय से आजमगढ़ के सहायक निबंधन फर्म्स सोसाइटी एवं चिट्स कार्यालय में भेजा गया। यहां पर आजमगढ़ मंडल के तीनों जिले आजमगढ़, मऊ और बलिया जिले का होता है। कर्मचारी के मुताबिक चार मार्च को सहायक निबंधक कार्यालय पहुंचे और कार्यालय खुलवाकर मुझे बगैर कोई कारण बताए बैक डेटिंग करते हुए पद से डिमोशन करते हुए डिस्पैच का कार्य आवंटित कर दिया। साथ ही मेरा काम मेरे जूनियर कर्मचारियों को सौंप दिया गया। जिससे मैं काफी अपमानित महसूस कर रहा हूं। रिश्वत नहीं लेने का परिणाम मुझे भुगतना पड़ रहा है।
कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में कर्मचारी को पटल से हटाया गया है। इनकी गतिविधियां बीते छह से सात माह से गड़बड़ चल रही थी। इस संबंध में बार-बार मुख्यालय से भी पूछा जा रहा था। इसलिए मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ा।
- राजीव कुमार तिवारी, उप निबंधक, फर्म्स सोसाइटीज एवं चिट्स, आजमगढ़ मंडल