आजमगढ़। रोडवेज तिराहे पर अवैध रूप से खड़ी होने वाली बसों को हटाने और कर्मचारियों की मनमानी के खिलाफ हिन्द सेवा दल और निषाद सेना का रोडवेज तिराहे पर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर एक पक्षीय कार्यवाही का विरोध करते हुए रोडवेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रतीकात्मक पुतला फूंका।
इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकिशुन निषाद ने कहा कि निगम का कोई भी अधिकारी हमारी समस्याओं को जानने का प्रयास नहीं कर रहा है। 28 मार्च से धरने को आमरण अनशन में तब्दील कर दिया जाएगा। जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश यादव ने कहा कि जिला प्रशासन से मांग की गई कि अस्थायी बस स्टैंड की व्यवस्था की जाए, सामाजिक कार्यकर्ता और उसके भाई के ऊपर दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाए और दोषी निगम के कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए। वहीं, यूनियन बैंक आफ इंडिया सहदेवगंज एनपीए खाताधारकों को कर्जमाफी का लाभ देनी की मांग की गई। धरने को समर्थन देते हुए सिविल लाइन के सभासद रविप्रकाश यादव ने मंगलवार को एडीएम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। रामपत्त निषाद, महेन्द्र यादव, जितेन्द्र, परमानंद गौतम, दयानंद, कमलेश निषाद, चुल्लर, मनोज भारती, हृदय, विशाल भारती, गुट्टूर, छविराज निषाद, राकेश गौतम, प्रेम निषाद, लालसा निषाद, हरेन्द्र यादव, राजनाथ यादव, हौसला निषाद शामिल रहे।
29 को होगी प्रशासन के साथ बैठक
आजमगढ़। पूर्वांचल विकास आंदोलन के संयोजक प्रवीण सिंह ने बताया कि रोडवेज कर्मियों की मनमानी को लेकर जिलाधिकारी और सामाजिक संगठनों की बैठक 29 मार्च को होगी। इसमे रोडवेज प्रशासन की उदासीनता, रोडवेज बसों का परिचालन रोडवेज कैम्पस से किए जाने, सामाजिक कार्यकर्ता और उनके भाई पर दर्ज प्राथमिकी को वापस लेने, रोडवेज निर्माण में हुई अनियमिताओं की जांच आदि को लेकर जिलाधिकारी से वार्ता की जाएगी।