आजमगढ़। अपनों के लिए हर कोई करता है लेकिन दूसरों के लिए तो करे उसे सच्ची सेवा माना जाता है। इसी को अपने संगठन की पहचान बनाए रक्षा दल ने सोमवार को उन लोगों के लिए पिंडदान और सामूहिक भोज का आयोजन किया गया जिसे वह जानते भी नहीं।
बताते चलें कि अक्सर मार्ग दुर्घटना में लोगों की मौत हो जाती है। इनमें से बहुत से ऐसे लोग भी होते हैं जिनकी शिनाख्त नहीं हो पाती है। ऐसे लोगों के शवों को पुलिस द्वारा तमसा में विसर्जित कर दिया जाता है। शवों की इस तरह से बेकद्री होती देख भारत रक्षा दल ने ऐसे लावारिश शवों के अंतिम संस्कार का बीड़ा उठाया। संगठन आपसी सहयोग से अब तक 217 लोगों का अंतिम संस्कार कर चुका है। पितृपक्ष में ऐसे लोगों की आत्माओं को शांति पह़ुंचाने के लिए भारत रक्षा के कार्यकर्ताओं ने एक परिवार के सदस्य की तरह ही इनका पिंडदान किया और नगर के कलेक्ट्रेट क्षेत्र स्थित डा. अंबेडकर पार्क में सामूहिक भोज का आयोजन किया। जिसमें सैकड़ों की संख्या में शामिल होकर लोगों ने भोजन ग्रहण किया। हर आने वाले लोगों ने सबसे पहले अनाथ, अनजान लोगों के नाम से पुष्पांजलि अर्पित की। उसके बाद ब्राह्मणों के भोजन के बाद दक्षिणा स्वरुप वस्त्र, बर्तन और नकदी प्रदान किया। खास बात यह रही कि समय-समय पर ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से राह चलते लोगों को भी भोज में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जा रहा था। कार्यक्रम शुरू होने से पहले महंत रामकृष्ण दास महाराज ने इस आयोजन के लिए भारत रक्षा दल के कार्यकर्ताओं को आशीर्वाद दिया। इस मौके पर उमेश सिंह गुड्डू, हरिकेश विक्रम श्रीवास्तव, मुहम्मद अफजल, मनीष कृष्ण साहिल, निशीथ रंजन तिवारी, रामजन्म निषाद, आशीष मिश्र, गोपाल सिंह, आरपी श्रीवास्तव, पप्पू मौर्य, ज्ञानेंद्र चौहान आदि उपस्थित थे।