मेजवां। केंद्र सरकार की ओर से जीडीएस कमेटी की सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को अब तक लागू न किए जाने के विरोध में ग्रामीण डाक सेवकों की चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रही। शाखा की अध्यक्ष श्याम दुलारी ने दावा किया कि जीडीएस की हड़ताल से डाक सेवा पूरी तरह प्रभावित हुआ है। ऐसे में केंद्र सरकार को शीघ्र सिफारिशों को लागू कर देना चाहिए। उन्होंने बुधवार को टीकापुर, मीरपुर, मुहम्मदपुर, गंभीरपुर, ठेकमा और संजरपुर डाकघरों का दौरा कर जीडीएस कर्मचारियों को भरोसा दिलाया। इस दौरान श्यामदुलारी के नेतृत्व में टीकापुर डाकघर के सामने धरना-प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। सिफारिशों को लागू करने की मांग की गई। कहा कि जब तक हमारी मांगें पूरी नही होंगी हड़ताल चलती रहेगी। गुरुवार को सरायमीर, फूलपर, अंबारी डाकघरों का दौरा किया जाएगा। रामचेत, बृजेश चौरसिया, रामनेत, सुरेश सिंह, धर्मेन्द्र श्रीवास्तव, राजेश, अकील, शिवजोर, फिरतू, अशोक, दानिश आदि मौजूद थे।
मांगों को लेकर जल निगम का धरना जारी
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश जल निगम समन्वय समिति उत्तर प्रदेश लखनऊ के आह्वान पर अपनी मांगों को लेकर बुधवार को पांचवें दिन सहायक अभियंता टीएस यादव की अध्यक्षता में अधिशासी अभियंता कार्यालय द्वितीय निर्माण खंड पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान ज्ञानचंद, अभिषेक कुमार, शिवम अग्रहरि, अभिषेक, घनश्याम ने कहा कि विगत कई वर्षों से जल निगम को सरकारी विभाग घोषित करने की लड़ाई लड़ रहे हैं। लेकिन सरकार की हठवादी रवैए के कारण मांगों को अनसुनी कर रहे हैं। वक्ताओं ने सरकार द्वारा जल निगम के अस्तित्व को समाप्त किए जाने के प्रयास पर गहरा रोष प्रकट किया। कहा कि जन समुदाय पर पेयजल से पड़ने वाले कुप्रभाव की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। वक्ताओं ने कहा कि जल निगम को वर्षों से सरकारी विभाग घोषित किए जाने का संघर्ष चल रहा है, लेकिन सरकार ध्यान नहीं दे रही है। संगठन ने चेतावनी देते हुए कहा कि जल निगम को अगर सरकारी विभाग घोषित नहीं किया गया तो आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। धरने को तारकेश्वर, गिरजेश चौधरी, लवकुश, अक्षय कुमार चौधरी, मुन्नी लाल यादव, रामकेवल शर्मा आदि ने संबोधित किया। धरने का संचालन अरुण कुमार ने किया।