आजमगढ़। शहर क्षेत्र मं जल निकासी के लिए बनाये गये नाले लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे है। इसके बाद भी नपा प्रशासन इन बड़े नालो पर ढक्कन लगाने की कवायद नहीं कर रहा है। कई जगहों पर नालो पर लगाये गए ढक्कनों को नपा के कर्मचारियों द्वारा ही सफाई के लिए खोलने के बाद खुला ही छोड़ दिया गया है। जिसके चलते अक्सर ही इन नालों में गिर कर लोग घायल भी हो रहे है।
खुले हुए नाले तो शहर के लगभग हर क्षेत्रों में लोगों के लिए दुश्वारियां पैदा कर रखे है, लेकिन बदरका ईदगाह और अतलस पोखरा क्षेत्र में स्थिति अत्यंत ही खराब है। इस क्षेत्रों से प्रतिदिन हजारों की संख्या में कई प्रतिष्ठित स्कूलों के बच्चों का भी आना जाना होता है। इसके पश्चात भी नपा प्रशासन की लापरवाही जारी है। बदरका ईदगाह के पास स्थित नाला तो पूरे साल बजबजाता रहता है। बदरका पुलिस चौकी से लेकर ईदगाह तक इस नाले पर ढक्कन लगा हुआ था। जिसे नपा के सफाई कर्मचारी सफाई के लिए खोले और फिर ढक्कन लगाना भूल गए। ईदगाह के पास तो सड़क की पटरी पर ढक्कन खुला पड़ा हुआ भी है। ऐसा ही कुछ हाल अतलस पोखरा तिराहे का है। ठीक मोड़ पर ही नाले का एक हिस्सा कई माह से खुला हुआ है। जिसमें अक्सर ही लोग गिर कर घायल भी होते है। वहीं ज्योति निकेतन स्कूल से बाईपास बंधेबव्र जानेवाले अमार्ग पर स्थित नाले की स्थिति तो अत्यंत ही गड़बड़ हो चुकी है। यहां एक तो नाले पर ढक्कन नहीं लगा है तो वहीं नाले की दीवार भी कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है। बंधे से नीचे उतर रहे रास्ते पर ही नाले की दोनों तरफ की दीवार पूरी तरह से गायब है और नाला यहां नहर का रूप ले चुकी है। यहां भी अक्सर हादसा होता रहता है। नालों के खुले होने से जहां हादसे की आशंका रहती है तो वहीं मच्छरों का भी प्रकोप बढ़ रहा है। सब कुछ जानते हुए भी नगर पालिका प्रशासन मौन साधे हुए है।