फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेशनल डिवार्मिंग डे पर आयोजित हुई गोष्ठी

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। नेशनल डिवार्मिंग डे के अवसर पर शनिवार को शिशु और बाल रोग विशेषज्ञ डा. डीडी सिंह के सिधारी स्थित क्लीनिक परिसर में गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें नेशनल डिवार्मिंग डे लेकर वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
विज्ञापन

डा. डीडी सिंह ने कहा कि नवजात शिशुओं और स्कूली बच्चों को परजीवी कृमि संक्रमण से संरक्षित करने के लिए और इसके प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए प्रत्येक वर्ष 10 फरवरी को नेशनल डीवार्मिंग डे मनाया जाता है।
सर्वप्रथम इस दिवस का आयोजन वर्ष 2015 में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा किया गया था। जिसके अंतर्गत एक से दो वर्ष के बच्चों को आधी खुराक दी जाती है, जबकि 2वर्ष से 19 वर्ष के बच्चों को पूरी खुराक दी जाती है। यह संक्रमण मुख्य रूप से स्वायल ट्रांसमिटेड हेलमिंथस अर्थात पेट के परजीवी से होता है। यह परजीवी पेट में पाए जाते हैं। यह खुले में शौच से संक्रमित हुई मृदा को छूने आदि से बच्चों की आतों में पहुंच कर अंडे देते हैं। बच्चों के पोषण को अपने विकास में प्रयोग करते हैं। अंतत: यह क्रिया कुपोषण, एनेमिया, मानसिक रोग और कुष्ठ रोग जैसी बीमारियों को जन्म देती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार विश्व में सबसे ज्यादा एसटीएच भारत में हैं। जिसके कारण एक से 14 वर्ष के 220 मिलियन बच्चों के स्वास्थ्य को खतरा है। इस अवसर पर राजनाथ कुमार, राना कुमार, सुनील सिंह, रोहित श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें