आजमगढ़। एक साथ दो सरकारी पदों पर रहते हुए सरकारी वेतन लेने वाले भूपेंद्र वीर सिंह पर अब डाक विभाग ने भी कार्रवाई कर दी है। इससे पहले बेसिक शिक्षा विभाग ने इनका पेंशन रोकर कर रिकवरी का आदेश जारी किया है।
मऊ के पूनापार गांव निवासी भूपेंद्र वीर सिंह एक साथ दो सरकारी पदों पर रहते हुए वेतन का आहरण कर रहे थे। एक तो वे गांव स्थित महाराणा प्रताप पूर्व माध्यमिक विद्यालय में बतौर सहायक अध्यापक पद पर तैनात थे। इसके अलावा वे अपने घर में ही खुले पोस्टआफिस में भी बतौर डाकपाल वेतन ले रहे थे। एक साथ दो-दो पदों पर काम करते हुए वेतन आहरित किए जाने की शिकायत अरुण कुमार सिंह ने मंडलायुक्त से की थी। मंडलायुक्त ने एडी बेसिक को जांच के निर्देश दिए थे। कुछ माह पूर्व ही भूपेंद्र वीर सिंह सहायक अध्यापक पद से सेवानिवृत्त हो गए। आरोप पुष्ट होने पर बेसिक शिक्षा विभाग ने इनका पेंशन रोकने के साथ ही विभाग द्वारा लिए गए वेतन की रिकवरी का आदेश जारी कर दिया है। बेसिक शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद डाक विभाग से भी इनके खिलाफ जांच की। पूर्व प्रवर डाक अधीक्षक ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच कराई। इस बीच प्रवर डाक अधीक्षक बाल्मिकी आर्या सेवानिवृत्त हो गए। उनके स्थान पर आए प्रवर डाक अधीक्षक योगेंद्र मौर्या ने जांच रिपोर्ट के आधार पर भूपेंद्र वीर सिंह को बर्खास्त करने का आदेश निर्गत कर दिया है।
भूपेंद्र वीर सिंह पर एक साथ दो पदों पर नौकरी करते हुए वेतन आहरित करने का आरोप था। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर उन्हें बर्खास्त करने की कार्रवाई की गई है।
योगेंद्र मौर्या, प्रवर डाक अधीक्षक, आजमगढ़।