आजमगढ़। एक नवंबर से जनपद में धान की खरीद शुरू हो गई। तीन दिन बीत चुके हैं लेकिन अभी कहीं धान की आवक नहीं हुई। फसल अभी खेतों में ही है। वहीं, हड़ताल के कारण लगातार तीसरे दिन शनिवार को पीसीएफ के 24 केंद्र बंद मिले। डिप्टी आरएमओ ने चार क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। इसमें यूपी एग्रो का एक केंद्र बंद होने पर प्रबंधक को कार्रवाई के लिए लिखा गया है।
धान खरीद 2018-19 के लिए इस बार जनपद में 52 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 24 केंद्र पीसीएफ के हैं। पीसीएफ के लगभग 150 सचिव वेतन आदि मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे हैं। इसी तीन दिन से इनके सभी केंद्रों पर ताला लटका हुआ है। मुख्यालय से भी पीसीएफ के केंद्रों पर खरीद के लिए धनराशि अभी नहीं भेजी गई है। हालांकि जल्द हड़ताल समाप्त होने की बात कही जा रही है लेकिन यदि हड़ताल खिंचती है तो खरीद प्रभावित होनी तय है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी आर.पी पटेल ने शनिवार को क्रय केन्द्र खाद्य विभाग पल्हनी, जहानागंज, खाद्य निगम के क्रय केंद्र जहानागंज और यूपी एग्रो के क्रय केंद्र हुसेनगंज का निरीक्षण किया। इसमें एग्रो का केंद्र बंद मिला। प्रबंधक को केंद्र प्रभारी पर कार्रवाई के लिए लिखा गया है। अन्य केंद्र पर व्यवस्थाएं सही मिली। अभी केंद्रों पर धान की आवक नहीं हो रही है।
खरीद की तैयारी पूरी
लाटघाट। विपणन केंद्र हरैया के प्रभारी रत्न कृष्णन ने बताया कि ब्लॉक में दो धान क्रय केंद्र खोले गए हैं। आठ न्याय पंचायतों की खरीद रौनापार साधन सहकारी समिति पर होगी। नौ न्याय पंचायतों की धान की खरीद विपणन केंद्र पर किया जाएगा। 20 हजार बोरी का स्टॉक रखा गया है। गोदाम में धान रखने की व्यवस्था है। प्राइवेट गोदाम में ही खरीद किया जाएगा। गत वर्ष 10 हजार क्विंटल धान की खरीद हुई थी।
नहीं शुरू हुई आवक, तीसरे दिन भी बंद रहे पीसीएफ केंद्र