आजमगढ़। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के आगमन की मंगलवार की शाम तक कोई आधिकारिक पुष्टि तो नहीं हो सकी, लेकिन जिस तरह से तैयारियां चल रही हैं उससे लोग आशान्वित हैं कि वह जरूर आएंगे। ऐसे में यदि सीएम चार जनवरी को सगड़ी तहसील क्षेत्र में आते हैं तो उनके सामने सगड़ी तहसील को दो भागों में बांटकर गोपालपुर को नई तहसील बनाने की मांग जरूर उठेगी। पूर्व में सपा और बसपा शासनकाल में गोपालपुर को नई तहसील बनाने का प्रस्ताव तैयार हुआ लेकिन खिंचतान के चलते यह मामला अटक गया।
सगड़ी तहसील का क्षेत्रफल बड़ा है। इसी तहसील के देवारांचल में घाघरा नदी भी है, जिसकी चपेट में आने से बारिश में हजारों लोग प्रभावित होते हैं। यहां विकास के नाम पर कुछ भी नहीं। गरीबी की वजह से क्षेत्र में अराजकता भी काफी है। इन तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए सगड़ी तहसील के गोपालपुर विधानसभा को अलग करके गोपालपुर तहसील और कंधरापुर को ब्लाक मुख्यालय बनाने संबंधी रिपोर्ट मुख्य राजस्व परिषद द्वारा जिला प्रशासन से मांगी गई थी। चार अप्रैल 2011 को एसडीएम सगड़ी ने डीएम को वहां से राजस्व परिषद कार्यालय में रिपोर्ट भेजी गई, लेकिन उस पर अभी तक अमल नहीं हो सका। ऐसे में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के आने से देवारांचलवासियों में उम्मीद जगी है।
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खींचतान में फंस गया था मामला
आजमगढ़ । गोपालपुर विधान सभा क्षेत्र के पूर्व विधायक श्यामनरायन यादव ने बताया कि बसपा शासनकाल में रिपोर्ट बनाकर भेजी गई थी। श्यामनरायन ने तहसील गोपालपुर में बनाने का सुझाव दिया था। जबकि पूर्व सांसद अकबर अहमद डंपी जयराजपुर में तहसील बनाना चाहते थे। इसी खींचतान के चलते बजट नहीं मिल सका और तहसील बनने का मामला अधर में रह गया। पूर्व विधायक श्यामनरायन ने बताया कि सीएम आदित्यनाथ योगी के आने पर यदि उन्हें मौका मिला तो गोपालपुर को नई तहसील बनाने की मांग जरूर करेंगे।