नरौली-भंवरनाथ सड़क को फोरलेन बनाने का कार्य चल रहा है। चौड़ीकरण के दौरान विद्युत निगम की ओर से सभी खंभों को किनारे शिफ्ट किया गया। बारिश में इन खंभों के फाउंडेशन के नीचे से मिट्टी तक बह गई है। अब इन खंभों पर धराशायी होने का खतरा मंडरा रहा है।
हाल यह है कि करीब 12 खंभे जमीन पर मजबूती से टिके होने के बजाय बिजली के तारों के सहारे खड़े हैं। इससे हादसे का खतरा बढ़ गया है। सड़क चौड़ीकरण के दौरान विद्युत लाइनों और खंभों को सड़क की नई सीमा के अनुसार पीछे किया गया था।
पोल शिफ्ट किए जाने के बाद उनके आसपास मिट्टी भराई भी की गई थी। लगातार बारिश होने से कई स्थानों पर मिट्टी बह गई। इससे खंभों को लगाने के लिए बनाए गए फाउंडेशन के नीचे की मिट्टी भी बह गई है।
इसके कारण ये पोल अब तारों के सहारे लटके हुए हैं। इस मार्ग पर करीब एक दर्जन पोल झुक गए हैं और उनका भार तारों पर टिका नजर आ रहा है। चौड़ीकरण के दौरान शिफ्ट किए गए खंभों की स्थिति पर नजर डालने से साफ है कि बारिश के बाद कई स्थानों पर उनकी नींव प्रभावित हुई है। यदि समय रहते इन खंभों को सुरक्षित नहीं किया गया तो कभी तेज हवा या बारिश से ये गिर भी सकते हैं।
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सड़क किनारे होने से बढ़ा खतरा
नरौली-भंवरनाथ मार्ग पर लगातार वाहनों का आवागमन रहता है। सड़क चौड़ीकरण का कार्य भी चल रहा है। ऐसे में सड़क किनारे कमजोर होकर खड़े विद्युत पोल किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। पोल गिरने की स्थिति में बिजली आपूर्ति बाधित होने और राहगीरों के चपेट में आने का खतरा भी है।
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फोटो संख्या-24
मिट्टी पाटने के बाद निगम ने तुरंत पोल शिफ्ट कर दिया। जब बारिश हुई तो मिट्टी बह गई और पोल एक तरफ लटक गए हैं। फाउंडेशन के नीचे से भी मिट्टी गायब हो चुकी है। अगर इसे जल्द दुरुस्त नहीं कराया गया तो कभी भी हादसा हो सकता है। -मो. अफजल
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बिजली के तारों के सहारे पोल टिके होने से राहगीरों और आसपास के लोगों में हादसे का डर बना हुआ है। यदि समय रहते इन्हें ठीक नहीं कराया गया तो तेज हवा या दोबारा बारिश में पोल गिर सकते हैं। निगम को तत्काल इसकी मरम्मत करानी चाहिए। -अनीता सिंह
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बारिश में मिट्टी बहने के कारण पोल लटक गए हैं। पीडब्ल्यूडी से भरवाने की बात हुई है। मिट्टी गिरने के बाद लटके खंभों को दुरुस्त कराया जाएगा। -राजकुमार सिंह, अधिशासी अभियंता।
बवाली मोड़ से भंवरनाथ बाईपास पर मिट्टी कटने से लटका एचटी लाइन का पोल। संवाद