फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

22 ब्लाक के 75 गांवों में विकसित होंगा फीकल स्लज मैनेजमेंट सिस्टम

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत पात्रों के शौचालय बनवाने के बाद अब केंद्र सरकार ने इन शौचालयों के स्लज मैनेजमेंट की कवायद छेड़ दी है। इसके तहत जनपद के 22 ब्लाकों के 75 गांवों में फीकल स्लज मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किया जाएगा। प्रत्येक ब्लाक से पांच हजार से ज्यादा आबादी वाले तीन बड़े गांवों का चयन किया जाएगा। प्लांट में गांव के शौचालयों से निकलने वाले स्लज का मैनेजमेंट किया जाएगा। गांवों से स्लज लाने के लिए कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। इसकी एवज में वो ग्रामीणों से कुछ धनराशि भी लेंगे। इसके साथ ही डीएम के साथ सभी जिला स्तरीय अधिकारी इन गांवों को गोद लेकर इसकी निगरानी करेंगे। केंद्र सरकार से एक टीम 11 से 15 फरवरी के बीच जनपद आएगी और इस बारे मेंम विस्तृत जानकारी देगी।
विज्ञापन

केंद्र सरकार की ओर से शुरू किए गए स्वच्छता अभियान में एक कदम आगे की शुरूआत भी कर दी गई है। शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र की सफाई और स्वच्छता पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत जनपद में साढ़े चार लाख से ज्यादा शौचालय बनवाने के बाद अब इससे आगे की पहल शुरू कर दी गई है। इस मिशन के तहत जिन जनपदों में ज्यादा कार्य किया गया है उनमें देश के 64 जनपदों का चयन केंद्र सरकार ने किया है। इसमें शामिल यूपी के आठ जनपदों में आजमगढ़ भी शामिल है। इन जनपदों के प्रतिनिधियों की दो दिवसीय कार्यशाला 30 और 31 जनवरी को दिल्ली में हुई। इससे लौटकर मुख्य विकास अधिकारी डीएस उपाध्याय ने पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत जनपद के कुल 22 ब्लाकों में पांच हजार से ज्यादा आबादी वाले 75 गांवों का चयन किया जाएगा। इन गांवों में बाहरी ओर मनरेगा से खाई खोदकर शौचालयों से निकलने वाले स्लड को एकत्र किया जाएगा। गांवों से ट्रैक्टर-ट्राली से स्लज उठाया जाएगा। जहां वाहन नहीं जा सकता वहां ड्रम का प्रयोग किया जाएगा। इसके लिए कर्मचारी भी रखे जाएंगे। जो ग्रामीणों से इसकी एवज में कुछ धनराशि लेंगे। इसे गांव से दूर इसलिए किया जा रहा है कि बदबू न फैले।
11 से 15 फरवरी के बीच केंद्र सरकार से टीम भी आ रही है। वो इस बारे में और जानकारी देगी। टीम की ओर से फीकल स्लज मैनेजमेंट सिस्टम प्लांट की लागत आदि के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। प्रत्येक गांव को डीएम, सीडीओ समेत अन्य जिला स्तरीय अधिकारी गोद लेंगे और पूरी निगरानी करेंगे। सबसे बड़े गांव को डीएम गोद लेंगे। दिल्ली कार्यशाला में इसके बारे में संबंधित अधिकारियों की ओर से जनकारी मुहैया कराई गई। इसके साथ ही गाजियाबाद में बनाए गए प्लांट का निरीक्षण भी कराया गया। इस प्लांट के बनने से गांव की स्वच्छ और सुंदरता की तरफ अच्छा कार्य होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें