आजमगढ़। बेसिक शिक्षा विभाग में पुरानी किताबों का खेल वर्षोँ से होता चला आ रहा है। इस बार भी बेसिक शिक्षा विभाग के गोदाम और बीआरसी केंद्रों पर भारी मात्रा में पुरानी किताबों का मिलना किसी बड़े खेल की ओर ही इशारा कर रहा है। यह अलग बात है कि बेसिक शिक्षा विभाग इस मामले में किसी खेल के होने से इंकार कर रहा है, लेकिन जिला प्रशासन जांच के बाद ही कुछ कह पाने की बात कह रहा है।
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को सरकार अपने खर्च पर किताबें उपलब्ध कराती है। जिले में प्रतिवर्ष लगभग चार लाख से अधिक किताबें मंगाई जाती है और उनका वितरण बीआरसी के माध्यम से बच्चों में कराया जाता है। हर बार की तरह नये शिक्षण सत्र को शुरू हुए चार माह का समय बीत गया लेकिन अब तक बच्चों को नई किताबें बेसिक शिक्षा विभाग उपलब्ध नहीं करा सका है। वहीं बेसिक शिक्षा विभाग के गोदाम और बीआरसी पर भारी मात्रा में पुरानी किताबें पड़ी है और बच्चे बिना किताबों के ही अब तक पढ़ रहे है। नियमत: पुरानी किताबों को नया शिक्षण सत्र शुरू होते ही बच्चों में वितरित कर दिया जाना चाहिए था। भले ही सभी बच्चों को किताबें नहीं मिलती लेकिन कुछ बच्चे तो किताब पा ही जाते। इसके पीछे बेसिक शिक्षा विभाग बार-बार पुस्तके भेजने में होने वाले खर्च का बहना बना रहा है, लेकिन नये सत्र में अब तक मात्र संस्कृत विषय की किताबें आई हैं, जिन्हें यही बेसिक शिक्षा विभाग बीआरसी पर भेज कर बच्चों में वितरित करा चुका है। इसके साथ ही पुरानी किताबें भी वितरित करायी जा सकती थी। सूत्रों की माने तो बेसिक शिक्षा विभाग पुरानी किताबों को बचा कर नये सत्र में प्रयोग करता है और नया मंगाने के नाम पर लाखों का गोलमाल कर दिया जाता है। इस बार मामला संज्ञान में आ जाने और जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम द्वारा छापेमारी की कार्रवाई कर दिये जाने से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। गुरुवार को छापेमारी के दूसरे दिन भी बेसिक शिक्षा विभाग किताबों का हिसाब-किताब दुरुस्त करने में जुटा रहा। इस मामले मेबऌफिलहाल किसी के खिलाफ कार्रवाई की कोई पुष्टि न तो बीएसए कर रहे है न ही एसडीएम लेकिन जो माहौल बना है वह पूरी तरह से किसी गड़बड़ी की ओर ही इशारा कर रहा है।
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यह बात सही है कि बेसिक शिक्षा विभाग के गोदाम और बीआरसी केंद्रों पर भारी मात्रा में पुरानी किताबें मिली हैं। सभी पुरानी किताबों को सील कर दिया गया है और जांच की कवायद की चल रही है। जल्द ही जांच रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को सौंप दी जायेगी। जहां तक गड़बड़ी की बात है तो फिलहाल मामला जांच में होने के चलते अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है।
प्रकाश चंद्र, एसडीएम-सदर, आजमगढ़।
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पुरानी किताबों की बीआरसी केंद्रों और गोदाम पर होना किसी प्रकार से गलत नहीं है। जो किताबें बची है वह सुरक्षित रखी गई है, नये सत्र की किताबे आने के बाद पुुरानी को भी समायोजित कर वितरित करा दिया जायेगा। जहां तक गोदाम इंचार्ज शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की बात है तो अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। स्टॉक रजिस्टर इंचार्ज के पास ही है। इसलिए उन्हें रजिस्टर उपलब्ध कराने के लिए नोटिस भेजी गई है। रजिस्टर न उपलब्ध कराने की स्थिति में ही उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की जायेगी।
देवेंद्र पांडेय, बीएसए, आजमगढ़।