आजमगढ़। केंद्र और प्रदेश सरकार भले ही साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे करे, लेकिन आजमगढ़ का नपा प्रशासन ठीक सरकार के मंशा के विपरीत कार्य कर रहा है। शहर की सड़कों से लेकर गलियों तक की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। जबकि नपा के पास 300 सफाई कर्मियों की भारी-भरकम फौज मौजूद है। इतना ही नहीं मंडलायुक्त ने भी जिले में पदभार ग्रहण करने के पश्चात नपा की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़ा किये थे, इसके बाद भी कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। आज जिले में पीएम, सीएम समेत कई मंत्रियों का जिले में आगमन हो रहा है। लेकिन शहर क्षेत्र की बात की जाये तो जगह-जगह लगा कूड़े का ढेर, जाम होकर ओवर फ्लो हो रही नालियां दिखाई पड़ रही हैं। शहर का शायद ही कोई क्षेत्र हो जहां गंदगी न देखने को मिले। नगर पालिका प्रशासन के पास वर्तमान में डेढ़ सौ स्थायी सफाई कर्मचारियों के साथ ही इतनी ही संख्या में ठेकेदारी व्यवस्था के तहत सफाई कर्मचारी है। इसके बाद भी नपा प्रशासन शहर की सफाई नहीं करा पा रही है। शुक्रवार को शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में दोपहर बाद तक कूड़े का ढेर पड़ा मिला। वहीं सफाई न होने से नालियां जगह-जगह जाम पड़ी है। जिसके चलते नाली का गंदा पानी कई स्थानों पर गलियों और सड़कों पर बह रहा है। नपा प्रशासन की ध्वस्त हुई सफाई व्यवस्था से आम जनता परेशान है और अब शहर के लोग आंदोलन का भी मन बनाने लगे है।
फिलहाल सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी पीएम के कार्यक्रम में लगी है। लेकिन जल्द ही शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा। अभी चार दिनों पूर्व ही मैने यहां की जिम्मेदारी संभाली है और पीएम के कार्यक्रम में व्यस्तता हो गई। फिर भी सफाई नायकों को व्यवस्था में सुधार का निर्देश दिया जा चुका है। सोमवार से शहर में सफाई व्यवस्था अच्छी दिखने लगेगी।
वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, ईओ- नगर पालिका परिषद आजमगढ़।