ठंड में सड़कों के किनारे ठिठुरते हुए लोगों की पुलिस मदद करेगी। पुलिस उनको रैनबसेरा तक पहुंचाएगी। एसपी अनुराग आर्य ने इसके लिए 112 नंबर की पुलिस को निर्देश दिए हैं।
ठंड में इजाफा हो रहा है। फेरी लगाने वाले, रिक्शा चालक, राहगीर ठंड में रात में शहर में रुकने का ठिकाना नही होने पर सड़कों के किनारे रात बिताने को मजबूर होते है। अलाव के सहारे या दुकानों की शेड के नीचे किसी तरह रात काटत हैं। स्वयंसेवी संस्थाएं यदा-कदा कंबल बांटती है अन्यथा जो कपड़े पास होते हैं, उन्हीं के भरोसे रात काटनी पड़ती है। इसे देखते हुए एसपी अनुराग आर्य ने 112 नंबर पुलिस को ऐसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी है। उनको कहा गया है कि वे ऐसे लोगों को रैनबसेरे में जगह दिलाएं। एसपी का कहना है कि ठंड में खुले आसमान के नीचे सोने वाले तमाम लोगों की जान तक चली जाती है। इसको देखते हुए पुलिसवालों से कहा गया है कि वे ऐसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं? किसी के पास ठंड में रात बिताने का कोई ठिकाना न हो तो वे फोन करके पुलिस को बुला सकते हैं। वह उन्हें रैन बसेरे तक पहुंचाएगी।