आजमगढ़। मुबारकपुर में मार्केटिंग इंसेंटिव के एक करोड़ 40 लाख रुपये घोटाले में 11 बुनकर समितियों के सचिव और सभापति से वसूली न होने और एफआईआर न होने का संज्ञान केंद्र सरकार के वस्त्र मंत्रालय ने ली है। अतिरिक्त विकास आयुक्त हथकरघा जितेंद्र आचार्या ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कार्रवाई में हो रही देरी का कारण पूछा है। डीएम से मामले में जल्द से जल्द रिपोर्ट तलब की गई है। पिछले वर्ष हथकरघा आयुक्त से जनपद की 11 बुनकर समितियों की शिकायत हुई थी। जांच में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मार्केटिंग इंसेंटिव हड़पने की पुष्टि हुई थी। इसके साथ ही 250 अन्य समितियों में भी 30 करोड़ के ऐसे ही गबन की होने की बात कही गई थी। मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी गई थी। इसके बाद सीडीओ के नेतृत्व में कमेटी का गठन कर 11 समितियों की सुनवाई करने के निर्देश दिए गए थे। जांच टीम को अन्य 250 समितियों की जांच करने के निर्देश भी दिए गए थे। सुनवाई के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी सीबी सिंह ने एडीआई हथकरघा मऊ को 11 समितियों के सचिव और सभापति पर एफआईआर कराने और 1.40 करोड़ की रिकवरी कराने के आदेश मार्च 2018 में दिए थे। इस बीच उनका स्थानांतरण हो गया। नये जिलाधिकारी और सीडीओ ने भी मामले में कार्रवाई की बात कही थी। इसके बाद भी अभी समितियों पर एफआईआर और वसूली की कर्रवाई नहीं हुई। अमर उजाला ने 26 जून के अंक में मामले को प्रमुखता के साथ उठाया था। अमर उजाला में प्रकाशित समाचार का संज्ञान लेते हुए मुबारकपुर निवासी मो, अफजल अंसारी ने मामले की शिकायत केंद्र सरकार से की। अब केंद्र सरकार के वस्त्र मंत्रालय के अतिरिक्त विकास आयुक्त हथकरघा जितेंद्र आचार्या ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कार्रवाई में हो रही देरी का कारण पूछा है। पत्र में कहा है कि चार जून को भी 11 आरोपी समितियों पर अब तक हुई कार्रवाई का ब्यौरा जिला प्रशासन से तलब किया गया है। इसके बाद भी जिला प्रशासन की ओर से अब तक हुई कार्रवाई से अवगत नहीं कराया गया। उन्होंने जिलाधिकारी को मामले में जल्द से जल्द अब तक हुई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है।
कार्रवाई के आदेश मिलने से मुकरे एडीआई
आमजगढ़। एक तरफ केंद्र सरकार की ओर से 11 आरोपी समितियों पर हुई कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं। सहायक आयुक्त हथकरघा मऊ अनिल श्रीवास्तव ने कार्रवाई के लिए कोई आदेश मिलने से ही इंकार कर दिया है। तत्कालीन जिलाधिकारी सीबी सिंह ने सहायक आयुक्त हथकरघा मऊ अनिल श्रीवास्तव को समिति के सचिव और सभापति पर एफआईआर करने और आरसी जारी करने के लिए नामित किया था। उनके स्थानांतरण के बाद ही कार्रवाई ठप पड़ गई थी। अब एडीआई अनिल श्रीवास्तव का कहना है कि उन्हें कोई आदेश मिले ही नहीं थे। उनका कहना है कि जांच टीम के सहयोग के लिए उन्हें कहा गया था। उन्होंने जांच के लिए फाइलें आदि टीम को उपलब्ध करा दी थी। इसके बाद से किसी कार्रवाई के लिए उन्हें आदेश नहीं मिले हैं।
बुनकर सिमितियों के मामले में दोषी समितियों के सचिव और समितियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए आरसी जारी कर वसूली करने का निर्देश दिया गया था। इस बारे में कई बार एडीई मऊ से पूछा गया, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। अब केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के अतिरिक्त विकास आयुक्त हथकरघा का पत्र मिला है। अगर एडीआई की ओर से ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
अनिल कुमार उपाध्याय, सीडीओ।