आजमगढ़/सगड़ी। सातवां वेतनमान लागू करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर श्री दुर्गाजी स्नातकोत्तर और गांधी पीजी कालेज मालटारी में डिग्री शिक्षकों ने बांह में काली पट्टी बांधकर कार्य का बहिष्कार करते हुए धरने दिया। चेतावनी दी कि मांगों को जल्द से जल्द पूरा नहीं किया गया तो शिक्षक अगले माह में होने वाली महाविद्यालय परीक्षा का भी बहिष्कार कर सकते हैं।
महाविद्यालय शिक्षक संघ की जिला इकाई के अध्यक्ष डॉ. प्रवेश सिंह ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि सभी विभागों के कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ दे दिया गया, लेकिन शिक्षकों को इससे वंचित रखा गया। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की समस्याओं के प्रति सकारात्मक रवैया अपनाया था, लेकिन शिक्षामंत्री के उपेक्षापूर्ण रवैये के कारण अभी तक मांगें पूरी नहीं हुई। सहमंत्री डॉ. राजीव त्रिपाठी, पूर्व प्राचार्य फूलचन्द्र सिंह, प्राचार्या मधुबाला ने भी सरकार के हठवादी रवैये पर रोष जताया। संचालन महामंत्री डॉ. अजीत प्रताप सिंह ने किया। धरने में डॉ. दुर्गावती, वीरेन्द्र दूबे, राजेश, विष्णु, मुकुल, अशोक, कौशल, रामजीत, सुनील, सर्वेश, हर्ष, अजीत प्रताप सिंह मौजूद थे। वहीं, सगड़ी तहसील के श्री गांधी जी कॉलेज मलटारी में बी शिक्षकों ने डॉ. अब्दुल रशीद की अध्यक्षता में विरोध प्रदर्शन किया। डॉ. अखिलेश चन्द्र महामन्त्री, हशीन खां, दिनेश कुमार, जगदीश कुमार, शुभ्रा सिंह, सीमा सिंह नितेश जायसवाल, शैलेष सिंह, चंदन कुमार, शशि मिश्रा, प्रदीप राय, मंजुला चौरसिया उपस्थित रहे।
महाविद्यालय शिक्षक संघ ने दिया धरना
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ ने सोमवार को सातवें वेतन आयोग, पुरानी पेंशन बहाली, शिक्षकों के आमेलन, उच्च शिक्षा के बजट में कटौती किए जाने के विरोध में डीएवी पीजी कॉलेज काली पट्टी बांधकर कार्य का बहिष्कार कर में धरना दिया।
अध्यक्ष डा. सुभाष चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि यदि सरकार ने हमारी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन का दायरा विस्तृत किया जाएगा। आगे कहा कि इसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा। महामंत्री डा.अरुण कुमार सिंह ने सरकार की नीतियों पर क्षोभ व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने तत्कालीन बजट में उच्च शिक्षा के शिक्षकों की लंबित मांगों और सातवें वेतन आयोग पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। शिक्षकों की उपेक्षा भारी पड़ेगी। डा. प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव ने पेंशन नीति पर सरकार की आलोचना करते हुए पुरानी पेंशन को बहाल किए जाने की मांग की। डा.बद्रीनाथ ने उच्च शिक्षा के प्रति केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों को दुर्भाग्य पूर्ण बताते हुए प्रासंगिक सुधार की मांग की। धरने में डा. राम सुंदर सिंह, डा. गीता सिंह, डा. अनिल कुमार श्रीवास्तव, डा. सौम्य सेन गुप्ता, डा. राकेश यादव, डा. शिल्पा त्रिपाठी, डा.जगदंबा प्रसाद दुबे, डा. सुजीत कुमार श्रीवास्तव, पंकज सिंह सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।