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मिली जमीन, हरबंशपुर में बनेगा राजकीय महिला शरणालय

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बलतिर गांव में लावारिस पड़ा बीज गोदाम भवन - फोटो : अमर उजाला
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हरबंशपुर में बनेगा राजकीय महिला शरणालय
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-जमीन के लिए चार तहसीलों से मांगी गई थी रिपोर्ट
-100 महिलाओं के लिए बनेगा अत्याधुनिक भवन
अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। हरवंशपुर मुहल्ले में घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं और युवतियों को सुरक्षित ठिकाना देने के उद्देश्य से अत्याधुनिक राजकीय महिला शरणालय की स्थापना की जाएगी। जमीन के लिए डीएम की संस्तुति मिलने के बाद समाज कल्याण विभाग की तरफ से निर्माण का इस्टीमेट तैयार कर धन के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। भवन में सौ निराश्रित और पीड़ित महिलाओं को रखा जाएगा। इसमें महिलाओं के शिक्षा, उपचार, मनोरंजन, खेल सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित अत्याधुनिक राजकीय महिला शरणालय के निर्माण के लिए 16990 वर्ग फुट जमीन की आवश्यकता थी। शासन के निर्देश पर जिला प्रोबेशन विभाग की तरफ से जमीन के लिए सदर, निजामाबाद, बूढनपुर और सगड़ी तहसील से रिपोर्ट मांगी गई थी।करीब एक सप्ताह पूर्व सदर तहसील के राजस्वकर्मियों ने शहर के हरबंशपुर मुहल्ले में इतनी जमीन ढूंढ निकाला। शहर के नजदीक यह भवन बनने के बाद देखरेख में भी आसानी होगी। सदर तहसील से जमीन उपलब्ध कराने के बाद जिला प्रबोशन कार्यालय की तरफ से भवन निर्माण के लिए लागत का आंकलन कर धन की डिमांड के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दिया। धन मिलने के तुरंत बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। महिलाओं की सरकारी व्यवस्था के तहत देखभाल की जाएगी।
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महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित अत्याधुनिक राजकीय महिला शरणालय भवन की स्थापना के लिए 16990 वर्ग फुट जमीन की तलाश थी। जो शहर के हरवंशपुर मुहल्ले में मिल गई है। जल्द ही निर्माण का इस्टीमेट तैयार कर धन के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी। - राजीव रतन सिंह, समाज कल्याण अधिकारी

इन परिस्थितियों में होती है परेशानी
आजमगढ़। आए दिन किसी न किसी क्षेत्र से किशोरी, युवती प्रेमजाल में फंसकर प्रेमी के साथ भाग जाती हैं। कठिन परिश्रम कर पुलिस उन्हें ढूंढकर वापस लाती है। लेकिन लौटकर आने के बाद ज्यादातर पीड़िताएं अपने घर जाने की बजाय प्रेमी के साथ रहना पसंद करती हैं। जबकि कानून दावपेंच की वजह से प्रेमी जेल चला जाता है। ऐसे में पुलिस के समक्ष उस किशोरी या युवती को सुरक्षित स्थान पर रखने की घोर समस्या होती है। ऐसा ही कुछ हाल बलात्कार पीड़िताओं के साथ भी होता है। पीड़िता के साथ परिवार के लोग तो खड़े रहते हैं। लेकिन कानूनी प्रक्रिया पूरी कराने में पुलिस को पसीने छुट जाते हैैं। क्योंकि जब तक कार्रवाई पूरी नहीं होगी। तब तक पीड़िता को पुलिस अभिरक्षा में रखना है। लेकिन जिले में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है जहां इन्हें सुरक्षित रखा जाए। ऐसे में राजकीय महिला शरणालय की स्थापना हो जाने से यह सब दिक्कतें दूर हो जाएंगी।
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विक्षिप्त महिलाओं की भी होगी मदद
आजमगढ़ (ब्यूरो)। दिमागी संतुलन खराब होने से कई महिला, युवती और किशोरी अक्सर सड़कों पर घूमते रहती हैं। कई बार ऐसी महिलाओं को भी लोग हवस का शिकार बना लेते हैं। इस प्रकार की पूर्व में कई घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे में राजकीय महिला शरणालय खुल जाने से इन महिलाओं को भी सुरक्षित ठांव मिल जाएगा।
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