आजमगढ़। सगड़ी तहसील क्षेत्र में वर्ष 2017 में बाढ़ के दौरान स्थानीय लोगों की नावों को राहत कार्य में लगा गया था। 12 लेखपालों और दो राजस्व निरीक्षकों की लापरवाही से उनका लगभग चार लाख का भुगतान नहीं हुआ। नतीजतन नाविकों को धरने पर बैठना पड़ा। जांच में पुष्टि होने के बाद एसडीएम ने उक्त को प्रतिकूल टिप्पणी और और कठोर चेतावनी जारी की है। डीएम ने आरोपियों के निलंबन का निर्देश दिया है। वर्ष 2017 में सगड़ी तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी में आई बाढ़ के दौरान विभिन्न गांवों के ग्रामीणों की नाव को राहत और बचाव कार्य में लगाया गया था। लेकिन लेखपालों और तत्कालीन राजस्व निरीक्षक दैवी आपदा राजाराम यादव की लापरवाही और समय पर सही सूचना नहीं देने पर नाव मालिकों का भुगतान नहीं हो पाया। डीएम के देवारा क्षेत्र के दौरे के दौरान भी नाव मालिकों ने भुगतान न होने की शिकायत की थी। भुगतान नहीं होने के कारण नाविकों ने जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन भी किया था। एसडीएम सगड़ी पंकज कुमार श्रीवास्तव ने जांच की तो पाया कि मामले में बाढ़ क्षेत्र के 12 लेखपालों, पर्यवेक्षणीय राजस्व निरीक्षक संतराज यादव और तत्कालीन राजस्व निरीक्षक दैवी आपदा राजाराम यादव की लापरवाही प्रथम दृष्टया दोषी हैं। इसके लिए इन्हें क्रमश: प्रतिकूल टिप्पणी और कठोर चेतावनी जारी की गई है। एसडीएम ने डीएम को सौंपी जांच रिपोर्ट में कहा कि नाविकों का भुगतान आवश्यक है। कुल 24 गांवों में 197 नाविकों का बकाया है। वहीं, जिलाधिकारी ने लापरवाही करने वाले राजस्व निरीक्षण और लेखपालों पर निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम पंकज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नाविकों को भुगतान न मिलने के बारे में रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है। 12 लेखपालों और दो राजस्व निरीक्षकों की लापरवाही मिली है। भुगतान के लिए 383300 रुपये की डिमांड की गई है।
मनरेगा में विलंबित भुगतान अधिक होने पर 13 बीडीओ को प्रतिकूल टिप्पणी
आजमगढ़। मनरेगा में राज्य औसत से अधिक विलंबित भुगतान रखने पर प्रभारी डीएम ने जनपद के 13 बीडीओ को प्रतिकूल टिप्पणी दी है। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्र भवनों के निर्माण की प्रगति खराब मिलने पर तीन बीडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मुख्य विकास अधिकारी की ओर से कार्रवाई की गई है। ग्राम्य विकास राज्यमंत्री महेंद्र सिंह ने पिछले दिनों वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मनरेगा के विलंबित भुगतान और आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की थी। इसमें जनपद की स्थिति खराब मिली थी। इस पर उन्होंने जनपदीय अधिकारियों को सख्त निर्देश भी दिए थे। इसके बाद दोनों प्रकरणों में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। जनपद के 13 ब्लाकों में मनरेगा का विलंबित भुगतान राज्य औसत (लगभग 12.74 फीसदी) से अधिक पाया गया। शासन के निर्देश के बाद मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार उपाध्याय ने हरैया, पल्हनी, मोहम्मदपुर, लालगंज, जहानागंज, अहरौला, अजमतगढ़, मार्टीनगंज, तरवां, मेंहनगर, अतरौलिया, ठेकमा और सठियांव ब्लाक के बीडीओ को प्रतिकूल टिप्पणी दी है। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्र भवन के निर्माण की प्रगति खराब मिलने पर पल्हना, बिलरियांगज और रानी की सराय बीडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।