उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां ने कहा है कि क्या पूरे प्रदेश में एक मुसलमान इस काबिल नहीं है कि वह पीसीएस का इंटरव्यू पास कर सके? पिछले कई सालों के पीसीएस की परीक्षा के रिजल्ट से तो यही बात सामने आ रही है।
आजम ने कहा कि मुसलमान नौजवान पीसीएस की लिखित परीक्षा तो पास कर लेते हैं लेकिन साक्षात्कार में छंट जाते हैं? आज स्थिति यह है कि जिन पदों पर मुसलमान अधिकारी तैनात होने चाहिए, उस पर गैर मुसलमानों को तैनात करना पड़ रहा है।
नगर विकास मंत्री शनिवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में आरक्षण के मुद्दे पर पूछे गए पत्रकारों के सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि आरक्षण में जो तब्दीली हुई थी, उसे मुख्यमंत्री ने वापस ले लिया है। जो लोग ये समझ रहे थे कि हमारा नुकसान हो रहा है, उनका फायदा हो गया या उनका नुकसान होने से बच गया। इन दो पाटों के बीच में मुसलमान पिस रहा है।
आजम ने कहा कि न जाने कब सच्चर कमेटी की रिपोर्ट लागू होगी और हमें हमारा हक मिलेगा।
पांच रुपये व 12 रुपये में पेट भर खाना मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अब तो फकीर भी एक रुपया लेने से मना कर देता है। इस तरह की बयानबाजी करने वालों को न तो गरीब की चिंता और न ही अमीर की।