उत्तर प्रदेश में नगर विकास मंत्री आजम खां समेत 29 सपाइयों को कोर्ट ने राहत दे दी है। पुलिया प्रकरण को वापस लेने के शासन के आदेश पर कोर्ट ने भी मुहर लगा दी है।
इस तरह अब तक आजम खां पर दर्ज चार मुकदमे वापस लिए जा चुके हैं।
सूबे की सपा सरकार ने सपाइयों पर राजनैतिक द्वेष के चलते दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने का फैसला किया है।
इस आदेश के तहत नगर विकास मंत्री आजम खां के खिलाफ बसपा सरकार में दर्ज मुकदमे को वापस लेने के आदेश इसी साल 22 मार्च को यूपी सरकार की ओर से जारी किए गए थे।
इस आदेश को अभियोजन अधिकारी की ओर से कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट में मुकदमा वापसी को लेकर सुनवाई चल रही थी जोकि अब पूरी हो गई है।
कोर्ट में अभियोजन अधिकारी खतीब अहमद ने दलील दी कि सरकार जनहित में मुकदमे को वापस लेना चाहती है। लिहाजा अनुमति दी जाए।
दलील सुनने के बाद प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आरपी पांडे ने मुकदमा वापस लेने की अनुमति प्रदान कर दी।
क्या था मामला
08 मई 2008 को शहर के मोहल्ला सराय गेट घोसियान निवासी हसीन अहमद ने नगर विकास मंत्री आजम खां समेत 29 लोगों पर शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि एक राय मशविरा होकर उनकेसाथ मारपीट की और सरकारी धन से बनी पुलिया को तोड़ दिया।
इनको मिली राहत
नगर विकास मंत्री आजम खां, जफर कामरेड, आसिम ऐजाज, मुईन पठान, सुहेल मियां, अशोक मिश्रा, इरशाद खां समेत 29 सपाई।
यह मुकदमे हो चुके हैं वापस
-अजीमनगर थाना में दर्ज मारपीट करना
-अजीमनगर थाना में दर्ज सरकारी चकरोड पर कब्जा करना।
-शहर कोतवाली में दर्ज सिलाई मशीन एवं कंबल वितरण।
-शहर कोतवाली में दर्ज पुलिया प्रकरण
अभी एक और मामला होना है वापस
नगर विकास मंत्री के खिलाफ दर्ज चार मुकदमे अब तक वापस हो चुके हैं। अभी टांडा थाना में दर्ज पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का मुकदमा वापस लेने की कवायद कोर्ट में विचाराधीन है।