भाई की क्रूरता का शिकार एक बहन को अदालत ने सहारा दिया है। कोर्ट ने न सिर्फ भाई को क्रूरता करने से रोका है बल्कि आदेश दिया है कि वह भरणपोषण के तौर पर बहन को तीन हजार रुपये प्रति माह देगा।
कोर्ट ने आदेश दिया है कि भाई बहन को पढ़ाई जारी रखने से नहीं रोकेगा और घरेलू काम करने के लिए बाध्य नहीं करेगा। प्रताड़ित बहन ने महिलाओं का घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षण के लिए प्रार्थनापत्र दिया था।
प्रार्थनापत्र पर मंगलवार को सुनवाई के बाद एसीजेएम प्रमेंद्र कुमार ने यह आदेश दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, भाई महेश प्रसाद श्रीवास्तव लोकल आडिट विभाग में कार्यरत है। यह नौकरी उसे अनुकंपा के आधार पर पिता विपिन बिहारी की सेवाकाल में मृत्यु हो जाने की स्थिति में मिली।
बहन ने अपने प्रार्थनापत्र में कहा कि नौकरी मिलने के बाद भाई का व्यवहार उसके और मां के प्रति काफी क्रूरतापूर्ण हो गया है। वह उसे पढ़ने से रोकता है और घरेलू काम करने के लिए बाध्य करता है। मां के साथ भी उसका व्यवहार अच्छा नहीं है।