अयोध्या। राम मंदिर आंदोलन की अहम किरदार साध्वी ऋतंभरा ने सनातन बोर्ड के गठन की वकालत की है। कहा कि सनातन बोर्ड का विषय महत्वपूर्ण है। वक्फ बोर्ड ने जमीनों को हड़पने के लिए साजिश रची है। हमने वृंदावन में वात्सल्य ग्राम बनाया है उसमें भी वक्फ बोर्ड ने दावा किया है।
साध्वी ऋतंभरा ने शनिवार सुबह भी रामलला के दर्शन किए। उसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि प्रभु का दर्शन करके मन उत्साहित है। प्रभु के दर्शन से मन और चित्त आनंद से भर जाता है। राम मंदिर मेरे जीवन का परम ध्येय है। हमारे बहुत सारे साथी इस दृश्य को देखे हुए बिना चले गए। स्टालिन के हिंदी भाषा पर दिए बयान पर कहा कि हमारे यहां मातृभाषा तेलुगू, तमिल, कन्नड़, अवधी, ब्रज में ब्रजभाषा, पंजाब में गुरमुखी है। हरियाणा में हरियाणवी है, हिंदू, हिंदी, हिंदुस्तान सिरमौर रहने वाला है। संस्कृत सभी भाषाओं की मां है। उसी में सारी भाषा निहित है। भाषा हमको नहीं बांट सकती।
महाकुंभ पर विपक्ष पर की गई टिप्पणी को लेकर साध्वी ऋतंभरा बोलीं कि योगी जी ने इसका जवाब दे दिया है जो जैसा है उसको महाकुंभ वैसा दिखा। भक्तों को भगवान दिखे और हम सब ने देखा कि 45 दिन में पूरा भारत एक हुआ। जातियों की दीवारें महाकुंभ में धराशायी हुईं। देश की पूरी युवा शक्ति माथे पर भस्म और टीका लगाए जय गंगा मैया की उदघोष करती रही। प्रयागराज की जय में किसी का ध्यान वैलेंटाइन डे पर नहीं गया।
काशी और मथुरा पर कहा कि धर्म के काम में रणनीति नहीं चलती। परमात्मा की मर्जी चलती है। नंदी बाबा जिधर बैठे हैं, हमारे भोले बाबा हैं उधर, एक दिन दीवारों को ध्वस्त करके उन्हें मुक्त होना है। अयोध्या, मथुरा, विश्वनाथ तीनों लेंगे एक साथ...यह हमारा नारा था। राममंदिर निर्माण से एक चरण पूरा हुआ है। अब दूसरा चरण उठेगा और फिर तीसरा। कानून के माध्यम से हमारी लड़ाई चल रही है। उस पर हमारा अधिकार है।