अयोध्या। सिय रघुवीर विवाह जे सप्रेम गावहिं सुनहिं। तिन्ह कहं सदा उछाह, मंगलायतन राम यश...इसी भावना के साथ रामनगरी तीन माह बाद एक बार फिर सीताराम विवाहोत्सव के उल्लास में डूबने को तैयार है। रामनगरी में वैसे तो विवाहोत्सव हर साल विवाह पंचमी (मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी) को मनाया जाता है लेकिन अयोध्या विवाहोत्सव की एक नई परंपरा की गवाह बनेगी। विवाहोत्सव का कार्ड छप गया है। कार्ड में दूल्हे के रूप में श्रीराम व दुल्हन के रूप में माता जानकी का नाम अंकित है।
अभी पिछले साल दिसंबर माह में भव्य राम विवाहोत्सव का आयोजन हुआ था। पांच साल बाद विहिप की ओर राम बरात जनकपुर नेपाल भी गई थी। मार्च में एक बार फिर रामनगरी में सीताराम विवाहोत्सव का उल्लास छलकेगा। दशरथ महल बड़ा स्थान के पीठाधीश्वर बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य ने बताया कि दो से पांच मार्च तक भव्य विवाहोत्सव का आयोजन हो रहा है। इस विवाहोत्सव में मिथिला व जनकपुर से बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे।
बताया कि जनकपुर से श्रीधाम के महंत रामसेवक दास व रोशन जी शामिल हो रहे हैं। सीतामढ़ी से किशोरी शरण भी विवाहोत्सव का हिस्सा बनेंगे। इसके अलावा मुरादाबाद, हापुड़, गोरखपुर सहित विभिन्न जिलों से संत एवं भक्त पधार रहे हैं। मिथिला की सखियां स्नेहलता, तुलसी सहचरी, वीना, रेनू, मीरा, चंदा प्रभा बहन भी विवाहोत्सव में मिथिला की परंपरा को जीवंत करती नजर आएंगी। बताया कि बरात तीन मार्च सुर संगीत धाम विवाह मणि मंडप वासुदेव घाट से निकलकर दशरथ महल पहुंचेगी, जहां बरात की भव्य अगवानी की जाएगी।