अयोध्या। रामनगरी में एक और ऐतिहासिक पहल की जा रही है। सरयू तट पर अब एक भव्य और विशिष्ट ‘वीआईपी आरती घाट’ का निर्माण शुरू हो गया है, जहां देश-विदेश से आने वाले विशिष्ट अतिथि, वीआईपी और वीवीआईपी भगवान श्रीराम की नगरी में सरयू माता की आरती कर सकेंगे।
रामनगरी की पहचान सिर्फ आस्था से नहीं, अब आधुनिक और सुव्यवस्थित सुविधाओं से भी जुड़ रही है। सरयू नदी के प्रमुख घाटों का भी जीर्णोद्धार हो रहा है। उत्तर प्रदेश पर्यटन निगम (यूपीपीसीएल) 23 करोड़ की लागत से नया आरती घाट व सरयू के घाटों का जीर्णोद्धार कर रहा है। यह काम तीन चरणों में हो रहा है। पहले चरण में नयाघाट से लक्ष्मण घाट, दूसरे चरण में हैलीपेड से गोंडा सरयू पुल व तीसरे चरण में लक्ष्मण घाट से राजघाट तक घाटों की मरम्मत की जा रही है। पुराने पत्थरों को हटाकर वंशी पहाड़पुर के लाल पत्थरों से घाटों को सजाया जा रहा है। हर तीन सौ मीटर की दूरी पर एक छतरी बन रही है, जहां श्रद्धालु विश्राम कर सकेंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैठने की व्यवस्था, रोशनी, टॉयलेट, चेंजिंग रूम, पीने के पानी और रैंप जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। यूपीपीसीएल के परियोजना प्रबंधक विवान जैन ने बताया कि घाटों के जीर्णोद्धार व आरती घाट के निर्माण का लगभग 70 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। यह पूरी परियोजना रामनगरी के सांस्कृतिक और धार्मिक वैभव को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की दिशा में बड़ा कदम है।
चौधरी चरण सिंह घाट से लेकर राजघाट तक जहां श्रद्धालुओं का दवाब अधिक रहता है। वहां रामकथा के भी दर्शन होंगे। तीन किलोमीटर की दूरी में 50 से अधिक म्यूरल बनाए जा रहे हैं। वंशी पहाड़पुर के लाल पत्थरों पर रामायण के प्रसंग चित्रित किए जा रहे हैं, बगल में ही प्रसंग से संबंधित रामायण की चौपाई भी अंकित की जा रही है। रामजन्म से लेकर राम राज्याभिषेक के प्रसंग को अलग-अलग म्यूरल पर दर्शाया जा रहा है, जो श्रद्धालुओं को आध्यात्मिकता का अनुभव कराएगी। जिस घाट पर म्यूरल लग रहे हैं, उसकी महत्ता भी अंकित की जा रही है।