अयोध्या। कोतवाली अयोध्या के चूड़ामणि चौराहा के पास किराये के मकान में युवक की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। मृतक के साथी ने ब्याज पर दिए पैसे हड़पने की नीयत से युवक की हत्या की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है।
बुधवार को प्रेसवार्ता में एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि गाजीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के सौना, भुजउवा निवासी राजेश सिंह करीब तीन साल पहले अयोध्या आए थे। इससे पहले वह लखनऊ की एक कंपनी में ब्याज पर पैसे बांटने का काम करते थे। अयोध्या आकर उन्होंने चूड़ामणि चौराहे के पास ज्ञानेश चंद्र श्रीवास्तव के मकान पर किराये पर कमरा लिया और ब्याज पर पैसे बांटने लगे। लखनऊ में उनके साथ काम करने वाले गाजीपुर के खानपुर थाना क्षेत्र के नसीरुद्दीनपुर निवासी धर्मवीर सिंह को भी उन्होंने साथ बुला लिया। दोनों एक साथ रहते थे।
कुछ दिन पहले धर्मवीर ने अपने पिता से खेत बिकवाकर तीन लाख रुपये राजेश सिंह को धंधे में लगाने को दिया था। आरोप है कि राजेश ने न तो मूलधन वापस किया न ही मुनाफा दे रहे थे। इसे लेकर उनमें मनमुटाव था। राजेश की शादी होने के बाद धर्मवीर बगल में ही कमरा लेकर रहने लगा। बाजार में राजेश ने लगभग 15-20 लाख रुपये ब्याज पर बांटे थे। अपने रुपये न मिलने व बाजार में लगे पैसे हड़पने के लिए धर्मवीर ने शुक्रवार की रात राजेश की हत्या कर दी।
राजेश और धर्मवीर काफी समय से एक साथ ही भोजन करते थे। धर्मवीर की मां रंभा भोजन बनाती थीं। शुक्रवार रात रंभा ने भोजन बनाया और धर्मवीर ने नशे की तीन गोलियां राजेश के खाने में मिला दीं। नशा होने पर उसने गमछे से राजेश का गला घोंट दिया। इसे आत्महत्या का रूप देने के लिए उनके बाएं हाथ की नस काट दी।
एसएसपी ने बताया कि राजेश रोज पत्नी सोनी से फोन पर बात करते थे। शुक्रवार की शाम उन्होंने फोन किया था, लेकिन वह नशे की हालत में लग रहे थे। सुबह 07:30 बजे तक वह चाय पीते थे, लेकिन 10 बजे तक भी कोई गतिविधि नहीं हुई तो लोगों को शक हुआ। उन्होंने बताया कि रंभा के भूमिका की जांच की जा रही है। त्वरित कार्रवाई के लिए उन्होंने कोतवाली अयोध्या पुलिस को 10 हजार रुपये इनाम की घोषणा की है। प्रेसवार्ता में एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी, सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी, कोतवाल मनोज शर्मा मौजूद रहे।