अयोध्या। राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के बाद बुधवार को अयोध्या में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। केसरिया आभा में नहाया राम मंदिर मानो दिव्य तेज से जगमगा रहा था। सुबह की पहली किरण जैसे ही मंदिर शिखर पर लहराते धर्मध्वज पर पड़ी, पूरा परिसर भक्तिरस से आलोकित हो उठा। ध्वजारोहण के बाद श्रद्धालुओं में रामलला के दर्शन की लालसा कई गुना बढ़ गई है। बुधवार को दो लाख लोगों ने रामलला के दर्शन किए।
दूर-दूर से आए भक्तों ने बताया कि रामलला का दिव्य रूप पहले से अधिक अलौकिक दिखाई दिया, एक ऐसा अनुभव जिसने मन को गहन शांति, संतोष और भक्ति से भर दिया। मंदिर में गूंजते जयघोष, शंखनाद और कंचन आभा से भरा वातावरण भक्तों को भाव-विभोर करता रहा। प्रशासन ने बढ़ी भीड़ को संभालने के लिए विशेष इंतजाम किए, छह कतारों में श्रद्धालुओं को दर्शन कराए गए। मंदिर सुबह सात बजे खुलना था, लेकिन श्रद्धालुओं की भीड़ दर्शन पथ पर सुबह पांच बजे से ही जुट गई।
राम मंदिर ट्रस्ट ने पहले घोषणा की थी कि 25 नवंबर को ध्वजारोहण समारोह के चलते आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर बंद रहेगा, लेकिन समारोह समापन व अतिथियों के मंदिर भ्रमण का कार्यक्रम पूरा होते ही मंदिर दोपहर तीन बजे ही खोल दिया गया। रात में मंदिर साढ़े नौ बजे तक खोला गया। एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे ने बताया कि ध्वजारोहण समारोह के बाद बुधवार को राम मंदिर में देर शाम तक दो लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। सुबह से भीड़ जुट गई थी, हालांकि मंदिर अपने नियत समय पर ही खोला गया। श्रद्धालुओं को सुगमता पूर्वक छह कतारों में दर्शन कराए जा रहे हैं।
रामलला के दर्शन कर श्रद्धालु निहाल
वाराणसी के प्रदीप तिवारी ने कहा कि राम मंदिर के शिखर पर केसरिया ध्वज फहराते हुए देखा और उसके नीचे रामलला के दर्शन किए, तो शरीर में जैसे एक अलौकिक ऊर्जा भर गई। लगता है कि आज का दर्शन जीवन के सबसे पावन पलों में से एक है। रामलला का रूप इतना दिव्य लग रहा है कि आंखें हटती ही नहीं। मध्य प्रदेश की किरण सोनी ने कहा कि ध्वजारोहण के बाद मंदिर की आभा कुछ अलग ही हो गई है। जैसे ही गर्भगृह में प्रवेश किया, मन में ऐसी शांति और भावनाओं का सागर उमड़ पड़ा कि शब्द नहीं। रामलला का दिव्य स्वरूप और ऊपर लहराता ध्वज, दोनों का दृश्य देखकर आंखें नम हो गईं। यह अनुभव कभी नहीं भूल पाऊंगी।
ध्वजारोहण का प्रसाद पाकर तृप्त हुए श्रद्धालु
राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से ध्वजारोहण का अनुष्ठान श्रद्धालुओं में बांटा गया। ध्वजारोहण अनुष्ठान का प्रसाद जैसे ही भक्तों में वितरित होना शुरू हुआ, श्रद्धालुओं के चेहरों पर संतोष और तृप्ति की झलक साफ दिखी। प्रसाद को पाकर भक्तों ने इसे स्वयं के लिए ‘पावन सौभाग्य’ बताया। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि यह प्रसाद सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि रामलला की कृपा का स्पर्श समेटे हुए है। अंगद टीला के पास हर एक श्रद्धालु को प्रसाद बांटा गया।
16-रामजन्मभूमि पथ पर दर्शन को जाते श्रद्धालुगण।-संवाद
16-रामजन्मभूमि पथ पर दर्शन को जाते श्रद्धालुगण।-संवाद
16-रामजन्मभूमि पथ पर दर्शन को जाते श्रद्धालुगण।-संवाद
16-रामजन्मभूमि पथ पर दर्शन को जाते श्रद्धालुगण।-संवाद
16-रामजन्मभूमि पथ पर दर्शन को जाते श्रद्धालुगण।-संवाद
16-रामजन्मभूमि पथ पर दर्शन को जाते श्रद्धालुगण।-संवाद