37- राम मंदिर के शिखर पर लहराता धर्मध्वज - ट्रस्ट
अयोध्या। राम मंदिर के 191 फीट ऊंचे शिखर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को धर्मध्वजा फहराया। ध्वजारोहण के बाद अब ध्वज को साल में कितनी बार और कब-कब बदला जाए इस पर मंथन शुरू हो गया है। राम मंदिर में हर साल विजय दशमी पर ध्वज परिवर्तन की परंपरा है, ऐसे में यह तय है कि विजय दशमी पर धर्मध्वजा बदला जाएगा। राम मंदिर ट्रस्ट और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम इस समय ध्वज बदलने की पूरी प्रक्रिया पर गहन मंथन कर रही है।
शिखर की ऊंचाई, हवा की दिशा, ध्वज की चौड़ाई, भार और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए एक ऐसा सिस्टम तैयार किया जा रहा है जिससे ध्वज परिवर्तन सुरक्षित और निर्बाध रूप से संपन्न हो सके। वर्तमान ध्वज लगभग 40 किलो वजन वाले विशेष धातु आधारित दंड पर स्थापित है, जिसका ऊपरी हिस्सा आंधी और तेज हवा का दबाव झेलने में सक्षम है। ध्वज का वजन भी लगभग दो किलो , लंबाई 22 फीट व ऊंचाई 11 फीट है।
राम मंदिर के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि तकनीकी दल के अनुसार, 191 फीट की ऊंचाई पर हवा का दबाव ज़मीन की तुलना में लगभग दोगुना रहता है। इसलिए ध्वज बदलना सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि एक जटिल इंजीनियरिंग प्रक्रिया भी है। ध्वज परिवर्तन की प्रक्रिया को सुरक्षित, वैज्ञानिक और उच्च मानकों के अनुसार संपन्न कराने के लिए ट्रस्ट लगातार विशेषज्ञों से सलाह ले रहा है।ध्वज केवल विजय दशमी पर ही बदला जाए या फिर रामनवमी व अन्य त्योहारों पर बदलने की परंपरा शुरू की जाए इन सब पर विचार चल रहा है।