अयोध्या। रामनगरी में जानकी जन्मोत्सव का उल्लास छलकने लगा है। अयोध्या में राम जन्मोत्सव की तर्ज पर ही जानकी जन्मोत्सव का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। रामनगरी के सैकड़ों मंदिरों में माता जानकी के जन्मोत्सव पर विभिन्न अनुष्ठान होते हैं। जानकी जन्मोत्सव का मुख्य पर्व जानकी नवमी छह मई को मनाई जाएगी।
अयोध्या में शाक्त परंपरा के सबसे प्रतिष्ठित देवी मंदिर छोटी देवकाली में जानकी नवमी उत्सव का शुभारंभ हो गया है। बैसाख नवरात्र का नौ दिवसीय अनुष्ठान सोमवार को दुर्गा सप्तशती के पारायण से हुआ। इसका समापन चार मई को होगा। पांच मई को अखंड नाम संकीर्तन का शुभारंभ होगा। छह मई को फूलों की झांकी सजाई जाएगी। इसी दिन मां देवकाली के विग्रह को भव्य रथ पर सवार कर शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस मौके पर देवकाली मंदिर में उत्सवों का आयोजन करने वाली संस्था देवकाली समाज का 90वां वार्षिकोत्सव भी मनाया जाएगा।
दशरथ राजमहल बड़ा स्थान में जानकी नवमी के उपलक्ष्य में श्रीराम महायज्ञ का आयोजन बिंदुगद्याचार्य महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य के सानिध्य में परंपरागत रूप से किया जाएगा। इस महायज्ञ का आयोजन मखौड़ा धाम स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर में होगा। कनक भवन में भी जनक नंदिनी का उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनेगा। कनक भवन की मान्यता है कि माता कैकेयी ने इसे देवी सीता को मुंह दिखाई में भेंट स्वरूप दिया था। इसी तरह से जानकी महल को भी जनकलली किशोरी जी का मायका कहा जाता है। इसके अलावा श्रीरामबल्लभाकुंज, लक्ष्मण किला, सियाराम किला, रामहर्षण कुंज सहित अन्य मंदिरों में भी जानकी जन्मोत्सव मनाया जाएगा।