अयोध्या। इंजेक्शन की ओवरडोज से महिला की मौत मामले में वसूली के आरोपों पर सोमवार को मृतका के परिजनों ने पलटवार किया है। सिविल लाइन स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने निर्मला अस्पताल को सील करने व मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेता शरद शुक्ला ने कहा कि इंजेक्शन की ओवरडोज से सुशील कौशल के मां की मौत हो गई। ओवरडोज की जानकारी चिकित्सक ने लिखित रूप से दी थी। इसमें किसी तरह की जोर-जबरदस्ती नहीं की गई थी। यदि गुंडई कर रहे होते तो रेफर करते समय आठ हजार रुपये का भुगतान न करते। मौत के बाद पुलिस के सामने भी उन्होंने ओवरडोज की बात स्वीकारी थी। इस वजह से मौत का कारण स्पष्ट था और पोस्टमार्टम की जरूरत नहीं पड़ी।
उन्होंने चिकित्सकों की राय और इंटरनेट के जरिये संबंधित इंजेक्शन के ओवरडोज से होने वाली हानियों को मीडिया को दिखाया। साथ ही रविवार को हुई चिकित्सक की प्रेसवार्ता में एक चिकित्सक की हंसती हुई तस्वीर दिखाकर इस कृत्य की निंदा की। कहा कि अपना कृत्य छिपाने के लिए डॉक्टर ने भ्रामक और बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। मांग की कि सोना हॉस्पिटल व निर्मला अस्पताल के प्रबंधन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया जाएगा। पीड़ित परिवार को सुरक्षा दिलाई जाए। मृतका के अस्पताल भर्ती होने से रेफर होने के बीच की सीसीटीवी फुटेज जब्त की जाए।
वहीं, मृतका के बेटे सुशील कौशल ने कहा कि पैसे के लिए आंदोलन करने का आरोप हास्यास्पद है। रेफर करते समय डॉक्टर ने आगे के इलाज में सहूलियत के लिए लिखित रूप से ओवरडोज की बात कही थी। इसमें किसी तरह की जोर-जबरदस्ती नहीं की गई थी। यह न्याय की लड़ाई है, जिसके लिए आखिरी सांस तक लड़ेंगे।