अयोध्या। रामनगरी को स्वच्छता सर्वेक्षण में ऊंचे पायदान पर ले जाने की कवायद पर ग्रहण लगाने के प्रयासों काे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर निगम की ओर से इस पर सख्ती की जाएगी। शहर में कॉलोनी, मोहल्ले और सड़कों के किनारे खाली पड़े प्लॉटों पर कूड़ा फेंकने वालों से जुर्माना वसूला जाएगा। प्रवर्तन दल की टीम गठित करते हुए उन्हें निगरानी की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
अमर उजाला की ओर से अयोध्या की स्वच्छता की हकीकत को परखने के लिए चलाए गए अभियान को संज्ञान में लेते हुए नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने सख्त फैसले लिए हैं। इस अभियान के दौरान सामने आया था कि अयोध्या के प्रमुख मार्गों पर तो सफाई रहती है लेकिन इनसे जुड़ी गलियों में कई बार इसकी अनदेखी होती है। कॉलोनी और मोहल्लों में कई लोग सुबह नगर निगम के सफाई कर्मियों की ओर से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के बाद इधर-उधर अपने घरों का कूड़ा फेंक देते हैं। इतना ही नहीं खाली पड़े प्लॉटों काे कूड़ा डंपिंग जोन में तब्दील कर दिया गया है।
इस तरह की स्थितियों को नगर आयुक्त ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में रोजाना देश-दुनिया से हजारों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। ऐसे में यहां पर गंदगी होने से धार्मिक नगरी की छवि धूमिल होती है। नगर निगम की ओर से हर स्तर पर स्वच्छता को बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में इस तरह की प्रवृत्ति से इसमें अवरोध आता है। सरकारी स्तर पर प्रयासों के साथ ही स्थानीय निवासियों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
नगर आयुक्त ने कहा कि अब नागरिकों और दुकानदारों को जागरूक करने के साथ ही लापरवाही बरतने पर कार्रवाई भी की जाएगी। इसके तहत गंदगी फैलाने पर अभियान चला कर जुर्माना लगाया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी प्रवर्तन दल को सौंप दी गई है। प्रवर्तन दल की टीमें नगर निगम क्षेत्र में भ्रमणशील रहेंगी। इनकी ओर से विभिन्न कॉलोनी और मोहल्लों के साथ ही प्रमुख मार्गों और गलियों की निगरानी की जाएगी। अनाधिकृत तौर पर कहीं कूड़ा डंप पाया गया तो आसपास रहने वालों से जुर्माना वसूला जाएगा। अफसरों की ओर से इसकी मॉनीटरिंग की जाएगी।