06r-नव्य अयोध्या में तेजी से चल रहा निर्माण कार्य- संवाद
अयोध्या। रामनगरी में 1893 एकड़ में प्रस्तावित नव्य अयोध्या को आकार देने का काम तेज हो गया है। नव्य अयोध्या की डिजाइन आईआईटी रुड़की ने तैयार की है। नव्य अयोध्या में सड़कों का निर्माण चल रहा है। नव्य अयोध्या का ड्रेनेज सिस्टम इस तरह बनाया जाएगा जिससे मूसलाधार बारिश में भी यहां जलभराव नहीं होगा। वहीं नव्य अयोध्या की डिजाइन में थोड़ा बदलाव किया गया है। पहले राम की पैड़ी की तर्ज पर यहां एक नहर बननी थी, जिसे अब स्थगित कर दिया गया है।
नहर की लंबाई चार किलोमीटर तय की गई थी, इस नहर को सरयू से जोड़ा जाना था, लेकिन पिछले दिनों निरीक्षण करने पहुंचे आईआईटी रुड़की के इंजीनियरों ने नहर बनाने की योजना को स्वीकृति नहीं दी। बताया गया कि परिस्थितियां नहर के अनुकूल नहीं है। अब यहां स्पंज सिटी की तरह छोटे-छोटे तालाब विकसित किए जाएंगे। यह तालाब श्रद्धालुओं व पर्यटकों के स्नान के लिए भी उपयोग में हो सकेंगे इसके अलावा बाढ़ व बरसात के पानी का संचयन भी किया जाएगा।
अब छोटे-छोटे तालाब विकसित किए जाएंगे। यह तालाब आपस में जुड़े रहेंगे। यहां पानी लाने के लिए पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके अलावा इन तालाबों में बारिश का पानी एकत्र किया जाएगा। पंपिंग स्टेशन बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। इन तालाबों को बड़े स्पंज की तरह डिजाइन किया जाएगा, जो बारिश के पानी को अवशोषित कर सके। पानी को अवशोषित करने वाली सतहों का इस्तेमाल किया जाएगा।
लंबित है नाइन सिटी चैलेंज प्रतियोगिता का परिणाम
आवास विकास विभाग के सहायक अभियंता अजीत मौर्य ने बताया कि नाइन सिटी चैलेंज प्रतियोगिता में जिन 10 योजनाओं का चयन किया गया था उनमें अयोध्या की नव्य अयोध्या भी शामिल थी। यदि इस प्रतियोगिता में नव्य अयोध्या योजना का चयन होता है तो इसके तहत एक हाईटेक, आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए 1000 करोड़ रुपये का फंड मिलेगा। उनके अनुसार प्रतियोगिता का परिणाम अभी लंबित है। प्रतियोगिता के मानकों पर नव्य अयोध्या की अधिकांश योजना खरी उतरी थी, हालांकि अभी परिणाम का इंतजार है।
आवास विकास के सहायक अभियंता अजीत मौर्य ने बताया कि नव्य अयोध्या की डिजाइन में थोड़ा बदलाव किया गया है। यह डिजाइन आईआईटी रुड़की ने बनाई है। अब नहर के बजाय स्पंज सिटी की तर्ज पर छोटे-छोटे तालाब विकसित किए जाएंगे। पहले चरण का काम तेजी से चल रहा है। सड़क व ड्रेनेज का काम अगले कुछ महीनों में पूरा हो जाएगा।