अयोध्या। स्टेट जीएसटी की ओर से शहर के सर्किट हाउस में शनिवार को व्यापारी संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान उप्र ईंट निर्माता कल्याण परिषद के अध्यक्ष अतुल कुमार सिंह ने ईंट निर्माता व्यापारियों को विशेष समाधान योजना से बाहर रखने और उसके स्थान पर वैट के समय की समाधान योजना लागू करने की मांग उठाई।
अधिवक्ता अरविंद अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी के अंतर्गत पारित एकपक्षीय आदेशों की सुनवाई के लिए प्रथम अपीलीय अधिकारी की नियुक्ति की जाए। इससे छोटे-छोटे व्यापारियों के वादों का निस्तारण के लिए उच्च न्यायालय का चक्कर काटने से निजात मिलेगी। उनका निस्तारण स्थानीय स्तर पर ही किया जा सकेगा। व्यापारी नेता केके गुप्ता ने कहा कि पहले सीमेंट के दाम 360 रुपये तक थे। जीएसटी घटने के बाद भी इनके दामों में कमी नहीं आई है, जिससे आमजन को लाभ नहीं मिल सका है। इसके अलावा अन्य कई मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
सदर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि बिजली आपूर्ति व्यापारियों की सबसे बड़ी समस्या थी। इस सरकार के प्रयासों से अब वह समस्या इतिहास बन गई है। पूर्व की व्यवस्था, व्यापारियों का शोषण, भ्रष्टाचार आदि को समाप्त करने के लिए केंद्र व राज्य सरकार ने अप्रत्यक्ष कर की व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन लाई है। जीएसटी और जीएसटी-2 व्यापारी संवर्ग के लिए एक लाभकारी परिवर्तन है।
उपायुक्त राम आशीष पांडेय ने जीएसटी पंजीयन, व्यापारी दुर्घटना बीमा, समाधान योजना और उसमें निहित सरलता की जानकारी दी। बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद से अयोध्या के 21 व्यापारियों को मुख्यमंत्री व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना के माध्यम से 10-10 लाख की आर्थिक सहायता दी गई है। इस दौरान योजना के लाभार्थी सुंदरम मोदनवाल और संगीता को सम्मानित किया गया।
अपर आयुक्त ग्रेड-1 संतोष कुमार ने बताया कि व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने, पंजीयन आधारित व राजस्व वृद्धि, स्थानीय स्तर पर जीएसटी-2 में निहित व्यापारी सुविधाओं से अवगत कराने, व्यापारिक गतिविधियों में आ रही समस्याओं और उनके निराकरण के लिए प्राप्त सुझावों को साझा करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने गत वित्तीय वर्ष में राज्य कर जोन अयोध्या की 892 करोड़ की राजस्व प्राप्ति में व्यापारियों के सहयोग की सराहना की।
राज्य कर मुख्यालय का प्रतिनिधित्व कर रहीं संयुक्त आयुक्त मधुरिमा मित्रा ने जीएसटी के अंतर्गत अपेक्षित सुधारों के लिए सुझाव मांगे। इस मौके पर व्यापारी नेता विजय गुप्ता, चंद्रप्रकाश गुप्ता, विश्व प्रकाश रूपन, सहायक आयुक्त रवींद्र सिंह बरोला, वीरेंद्र सिंह, कवींद्र साहनी, अरुण अग्रवाल, अधिवक्ता आनंद सिंघल, संजय गुप्ता आदि मौजूद रहे।