अयोध्या। हत्या के मामले में दर्ज रिपोर्ट में पुलिस की फाइनल रिपोर्ट अदालत ने खारिज कर दी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधांशु शेखर उपाध्याय ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए थाना कैंट के प्रभारी को फिर से विवेचना करने का आदेश जारी किया है। साथ ही विधि अनुसार अगली विवेचना करने के बाद कोर्ट में आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
थाना गोसाईगंज क्षेत्र के बंदनपुर गांव निवासी अभय वर्मा ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें उन्होंने बताया था कि उनके चाचा अशोक कुमार वर्मा गांव के प्रदीप व राजेंद्र के साथ गांव से निकले थे। 23 जून, 2023 की सुबह आठ बजे से अशोक वर्मा का कहीं पता नहीं चला तो रात में अभय ने प्रदीप के घर जाकर अपने चाचा के बारे में जानकारी चाही। तब प्रदीप ने गाली दी और कहा कि 'अभी एक लोग गए हैं, किसी दिन पूरा परिवार चला जाएगा'।
अगले दिन पुलिस की सूचना पर जिला अस्पताल पहुंचा तो अशोक वर्मा की मृत्यु हो चुकी थी। अभय ने प्रदीप व राजेंद्र पर जमीन की लालच में अशोक वर्मा को अगवा करके उनकी हत्या करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। एसएसपी के आदेश पर थाना कैंट में प्रदीप व राजेंद्र के विरुद्ध अपहरण कर हत्या के मामले में रिपोर्ट दर्ज हुई।
विवेचना में पुलिस ने बदल दी घटना
हत्या का मुकदमा दर्ज होने के बाद विवेचक ने स्वतंत्र गवाहों के आधार पर हत्या के मामले में दर्ज रिपोर्ट में खेला करके मोटर दुर्घटना में अशोक वर्मा की मृत्यु होना दिखा दिया। हत्या व अपहरण सहित गंभीर धाराओं को हटाते हुए किसी अज्ञात वाहन से दुर्घटना में मृत्यु होने की धारा लगा दी। विवेचना के दौरान ही अज्ञात वाहन के न मिलने के आधार पर इसमें भी फाइनल रिपोर्ट लगाकर आख्या कोर्ट में भेज दी।
वादी मुकदमा ने फाइनल रिपोर्ट पर दर्ज कराई आपत्ति
वादी मुकदमा और अधिवक्ता अभय वर्मा ने अदालत में पुलिस की फाइनल रिपोर्ट पर आपत्ति दाखिल की। वादी ने आपत्ति में कहा कि विवेचना अधिकारी ने स्वतंत्र गवाहों के रटे-रटाए बयान दर्ज कर लिए। घटना के तथ्यों को नजरअंदाज करके फाइनल रिपोर्ट लगाकर आख्या कोर्ट में प्रस्तुत की है।
अदालत ने भी माना विवेचक की लापरवाही
सीजेएम ने पुलिस की फाइनल रिपोर्ट को निरस्त करते हुए अपने आदेश में कहा है कि अशोक कुमार के नंबर व आरोपियों के नंबर पर एक ही व्यक्ति विनोद कुमार की कॉल डिटेल पाए जाने पर भी विवेचक ने इस बिंदु पर विवेचना नहीं की है। मृतक के मोबाइल पर मंसाराम वर्मा की 22 बार आउटगोइंग व इनकमिंग कॉल का होना पाया गया, लेकिन विवेचक ने उसे भी नजर अंदाज कर दिया।