अयोध्या। जिला जेल से बुधवार की रात भागे दोनों बंदियों की तलाश में अयोध्या समेत छह जिले में पुलिस खाक छान रही है। सूत्रों के अनुसार पुलिस के हाथ कुछ सुराग लगे हैं, जिसके आधार पर पुलिस आगे बढ़ रही है।
अमेठी जिले के मुसाफिरखाना निवासी गोलू अग्रहरि और सुल्तानपुर के अमरे मऊ निवासी शेर अली बुधवार की रात जिला जेल की बाउंड्री फांदकर भाग निकले थे। उनके ऊपर हत्या, दुष्कर्म, डकैती जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। कारागार के कारापाल जितेंद्र कुमार यादव की तहरीर पर नगर कोतवाली में दोनों आरोपियों के खिलाफ बृहस्पतिवार को रिपोर्ट दर्ज हुई थी। तभी से तीन टीमें उनकी तलाश कर रही हैं।
सूत्रों के अनुसार तकनीकी टीम को आरोपियों से संबंधित इनपुट सुल्तानपुर, अमेठी, प्रयागराज, प्रतापगढ़ और जौनपुर जिले में भी मिले हैं। इसकी पुष्टि के लिए संबंधित जिलों से संपर्क साधा गया है। अमेठी और सुल्तानपुर की टीम अयोध्या पुलिस से लगातार संपर्क में है। आरोपियों की पूर्व की गतिविधियों, उनके सगे-संबंधियों आदि से संबंधित अहम जानकारियां साझा कर रही हैं, जो छानबीन में सहायक है।
नगर कोतवाल अश्विनी पांडेय ने बताया कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर छानबीन की जा रही है। अभी कोई निर्णायक सुराग सामने नहीं आया है।
मां को मुलाकात के लिए गोलू ने भिजवाया था संदेश
सूत्रों के अनुसार गोलू अग्रहरि ने किसी के माध्यम से परिजनों को जल्द मुलाकात के लिए संदेश भिजवाया था। बृहस्पतिवार की सुबह उसकी मां, उसके बहनोई को लेकर उससे मिलने आई थीं। जेल पहुंचने पर उन्हें उसके भागने की जानकारी मिली तो दंग रह गईं।
बैरक से 200 मीटर चले गए बंदी, बंदी रक्षकों नहीं लगी भनक
अपने बैरक से निकलकर दोनों बंदी लगभग 200 मीटर दूर तक चले गए और किसी बंदी रक्षक को भनक तक नहीं लगी। सूत्रों के अनुसार इतनी दूरी में ही लगभग तीन-चार सुरक्षा पॉइंट थे। यदि कोई भी सजग होता तो बंदियों के मंसूबे पूरे न होते। वहीं, सूत्रों के अनुसार जेल के कुछ सीसीटीवी कैमरे भी घटना के समय अक्रियाशील थे।