अयोध्या। डेढ़ साल पहले लगभग एक माह तक सुर्खियों में रहे पूराकलंदर क्षेत्र के भदरसा दुष्कर्म कांड में सपा नेता मोईद खान के बाइज्जत बरी से फिर से राजनीतिक बहस तेज हो गई है। सपा नेता पर हुई प्रशासनिक कार्रवाइयों को लेकर विपक्षी दलों ने भाजपा सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।
29 जुलाई, 2024 को पूराकलंदर थाने में किशोरी से दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था। इसमें सपा नेता मोईद खान का नाम आने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में मुद्दा उठाया। सांसद अवधेश प्रसाद के साथ मोईद की फोटो दिखाकर मामले को राजनीतिक रूप दिया गया। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
मोईद की गिरफ्तारी के साथ ही उन पर प्रशासनिक शिकंजा कसना शुरू हुआ। भदरसा में बने उनके शॉपिंग कॉम्पलेक्स, बेकरी आदि पर बुलडोजर चलाया गया। इसका समाजवादी पार्टी ने पुरजोर विरोध किया। सांसद अवधेश प्रसाद, पूर्व मंत्री पवन पांडेय, तत्कालीन जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव आदि ने प्रशासनिक कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया। बुलडोजर चलाने की कार्रवाई नियमानुसार न करने का हवाला देते हुए आरोप लगाए।
हालांकि, अब न्यायालय का फैसला आया है। मोईद खान को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया गया है। ऐसे में पूर्व में हुई प्रशासनिक कार्रवाइयों पर चर्चायें शुरू हो गई हैं। सपा इसे न्याय की जीत बताकर न्यायालय के प्रति आभार जता रही है तो भाजपा नेता हाईकोर्ट में अपील करने का दावा कर रहे हैं।
अब विधानसभा में खेद प्रकट करें मुख्यमंत्री : सांसद
सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि जब से भाजपा फैजाबाद की लोकसभा सीट हारी है, सपा नेताओं को बदनाम करने की कोशिश में लगी है। मोईद खान निर्दोष थे। उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाया गया। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि मोईद खान सांसद की टीम का है। उन्हें भी बदनाम करने की कोशिश की गई। मिल्कीपुर उपचुनाव होना था। इसलिए वातावरण खराब करने के लिए झूठे आरोप लगाए गए। अब मोईद बरी हो गए हैं, इसलिए एक माह के अंदर सरकार उनके ढहाए निर्माण को बनाए, उसका मुआवजा दे। विधानसभा में मुख्यमंत्री सार्वजनिक तौर से खेद प्रकट करें। तत्कालीन थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई हो। गैंगस्टर का मुकदमा भी खत्म किया जाए। वहीं, पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ने कहा कि मोईद खान का मकान, दुकान गिराया गया। उनकी सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक क्षति हुई। उन्हें और उनके परिवार को अपमानित होना पड़ा। भाजपा सरकार की साजिशों के कारण जो हुआ, क्या उसका सरकार हर्जाना भरेगी? न्यायालय का हृदय से आभार है कि उन्होंने मोईद खान के साथ न्याय किया।
इस तरह हुई थी कार्रवाई
29 जुलाई, 2024 को आरोपी मोईद खान और राजू खान पर रिपोर्ट दर्ज हुई।
30 जुलाई, 2024 को आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।
तीन अगस्त, 2024 को मोईद खान की बेकरी ढहाई गई।
22 अगस्त, 2024 को शॉपिंग कॉम्पलेक्स ढहाया गया।
28 जनवरी, 2025 को मोईद खान को बरी किया गया।
29 जनवरी, 2025 को आरोपी राजू खान को सजा हुई।
फोटो-26 सांसद अवधेश प्रसाद