कुमारगंज। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पौधरोपण महायज्ञ-2026 के तहत नया कीर्तिमान रचने की ओर है। निर्धारित लक्ष्य एक लाख 10 हजार पौधरोपण के तहत रविवार को ही 10 हजार से अधिक पौधे लगाए गए।
विवि परिसर में कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने पौधरोपण का शुभारंभ पीपल के पौधे को लगाकर किया। उन्होंने आमजन से अपील की कि पौध लगाते हुए उसकी देखभाल का भी संकल्प लें। कृषि मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पौधरोपण को जनभागीदारी का महाअभियान बना रही है। इससे आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण मिलेगा। उन्होंने विश्वविद्यालय के इस प्रयास की सराहना की और इसे अन्य संस्थानों के लिए प्रेरणादायी बताया।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने पौधरोपण किया। बताया कि यह अभियान पूरे विश्वविद्यालय परिसर, सभी संचालित महाविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों में चलाया गया है। कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय मुख्य परिसर के लिए पौधरोपण का वृहद रोडमैप तैयार किया जा रहा है। यह अभियान जुलाई के अंत तक जारी रहेगा। सभी महाविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों और शोध केंद्रों पर भी वृहद स्तर पर पौधरोपण अभियान चल रहा है।
कार्यक्रम का संयोजन वानिकी अधिष्ठाता डॉ. भगवानदीन, कृषि अधिष्ठाता डॉ. प्रतिभा सिंह, डीएसडब्ल्यू डॉ. डी. नियोगी और विभागाध्यक्ष डॉ. एसके वर्मा ने किया। इस अवसर पर विधायक रामचंद्र यादव, विधायक चंद्रभानु पासवान, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी अयोध्या प्रखर गुप्ता और वनाधिकारी कुमारगंज प्रमोद कुमार भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों, वैज्ञानिकों, कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं और एनसीसी के कैडेटों ने उत्साहपूर्वक पौधे लगाए। इनमें इमली, जामुन, सागौन, आम, बेर, अमरूद, अमलतास, गुलमोहर, पलाश, कैथा, कटहल, पाकड़ और पीपल जैसी प्रजातियां शामिल थीं। ये पौधे छायादार, फलदार और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
पौधरोपण के लिए बनेगा रोडमैपवानिकी अधिष्ठाता डॉ. भगवानदीन ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में लगाए गए 10 हजार पौधों में तीन हजार फलदार और सात हजार फूल व अन्य पौधे लगाए गए हैं। फलदार पौधों में कटहल, कैथा, इमली, ढाक शामिल हैं। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने पीपल और विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने पाकड़ का पौधा लगाया। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त तक 20 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। कुलपति ने परिसर में पौधरोपण का रोड मैप तैयार करने को कहा है। इसके जरिये एक प्रजाति के पौधे एक रोड पर पर्याप्त संख्या में देखने को मिलेंगे।