भेलसर/रुदौली। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सीएमओ के नेतृत्व में रविवार को रुदौली के छह नर्सिंग होमों की जांच की। इस दौरान मानकविहीन मिलने पर सभी छह नर्सिंग होम की ओटी सील की गई है। जांच पूरी होने तक अस्पताल में कोई ऑपरेशन न करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ओपीडी सेवाओं की छूट दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र के नर्सिंग होम संचालकों में हलचल तेज रही।
सीएमओ डॉ. सुशील कुमार बनियान रविवार दोपहर लगभग एक बजे निजी अस्पतालों के नोडल अधिकारी डॉ. संदीप शुक्ला, डिप्टी सीएमओ डॉ. राममणि शुक्ला, डॉ. वीपी त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक रामप्रकाश पटेल, डीसीपीएम अमित कुमार, डॉ. हम्माद आदि के साथ रुदौली पहुंचे। सर्वप्रथम भेलसर-रुदौली मार्ग पर सीएचसी के बगल स्थित अली हॉस्पिटल का टीम ने निरीक्षण किया। यहां एएनएम रजनी सिंह मरीज देखते मिलीं। यहीं पर स्थित रियांश हॉस्पिटल में 1500 ग्राम का गंभीर हालत में भर्ती नवजात शिशु मिला, जिसे जिला अस्पताल शिफ्ट कराया गया।
एडवांस सिटी हॉस्पिटल में बीएएमएस डॉ. राम मनोरथ विश्वकर्मा सर्जरी के मरीज का इलाज करते मिले। टिकैतनगर सीएचसी में तैनात वाईपी मौर्य सीएमओ को देख हॉस्पिटल से भाग निकले। मिलेनियम हॉस्पिटल में बीएचएमएस डॉ. आरएच अंसारी मिले। ओटी में इस्तेमाल होने वाला सक्सेनिल कोलीन इंजेक्शन एक्सपायर मिला। जनता हॉस्पिटल, यशोदा हॉस्पिटल आदि में फार्मासिस्ट, डॉक्टर, ओटी टेक्नीशियन, बेहोशी के डॉक्टर, स्टाफ नर्स, बीएचटी आदि नहीं मिली। सिर्फ अली हॉस्पिटल ने नवीनीकरण के लिए आवेदन किया है। अन्य सभी हॉस्पिटल अवैध रूप से चलते पाए गए।
सीएमओ डॉ. सुनील बनियान ने बताया कि निरीक्षण के दौरान यशोदा हॉस्पिटल में सीमा यादव के अतिरिक्त कोई डॉक्टर व कर्मचारी नहीं मिला। एक महिला मरीज लक्ष्मी भर्ती मिलीं, जिसका ऑपरेशन हुआ था। जनता हॉस्पिटल में कोई एमबीबीएस डॉक्टर नहीं है, जबकि यहां ऑपरेशन किया जाता है। अस्पताल संचालक विकास श्रीवास्तव मिले, जो कि बीएएमएस डिग्रीधारक हैं। उन्होंने बताया कि सभी अस्पताल मानकविहीन पाए गए हैं। इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। अस्पतालों में मरीज भर्ती होने के कारण पूरा अस्पताल सील न करके सभी अस्पतालों के ऑपरेशन थिएटर को सील किया गया है। अस्पतालों में ओपीडी जारी रहेगी, लेकिन ऑपरेशन नहीं होंगे।
सीएमओ के निरीक्षण के दौरान मिलेनियम अस्पताल के प्रांगण में अस्पताल से निकलने वाला मेडिकल कचरा खुले आसमान के नीचे जलता हुआ मिला। इसके धुएं से अस्पताल में भर्ती मरीजों को सांस लेना भी दुश्वार हो रहा था। सीएमओ ने इस सख्त कार्रवाई कराने की बात कही है।