नृपेंद्र मिश्र ने माना कि राम मंदिर निर्माण पूरा करने का लक्ष्य दिसंबर तय किया गया है, लेकिन निर्माण कार्य पीछे चल रहा है। निर्माण की जो गति अपेक्षित है, वह पिछले तीन महीने से धीमी है। इसका एक प्रमुख कारण मौसम है तो दूसरा मजदूरों की कम संख्या है।
राम मंदिर का निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा से दो महीने पीछे चल रहा है। इसका खुलासा मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने सोमवार को किया। दूसरे दिन की बैठक शुरू होने से पहले उन्होंने मंदिर निर्माण की प्रगति पर चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि प्रतिकूल मौसम व मजदूरों की कमी के चलते निर्माण कार्य की गति धीमी हो गई है। इसलिए एलएंडटी को तत्काल मजदूरों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि भीषण गर्मी, बारिश व मजदूरों की कमी के चलते पिछले तीन माह से राममंदिर निर्माण की गति धीमी हो गई है। लक्ष्य के अनुरूप मंदिर के निर्माण में दो महीने की देरी हो सकती है।
विज्ञापन
निर्माण समिति ने मंदिर का निर्माण पूरा करने की समय सीमा दिसंबर 2024 तय कर रखी है लेकिन अब लग रहा है कि दो महीने की देरी हो जाएगी। इसकी सबसे बड़ी वजह मजदूरों की कमी है। भीषण गर्मी के चलते मजदूर छुट्टी पर चले गए हैं। एलएंडटी को अब मजदूरों को वापस लाने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती शिखर के निर्माण की है। जब तक द्वितीय तल का काम पूरा नहीं होगा, शिखर का निर्माण भी पूरा नहीं हो सकेगा। द्वितीय तल के जो गुंबद हैं, वे पूरे हो जाएं। आज की गति से अगर निर्माण किया गया तो विलंब होगा।
एलएंडटी को निर्देश दिया गया है कि वह मजदूरों की संख्या बढ़ाए। 200 से 250 मजदूर और नहीं बढ़ाए गए तो निश्चित ही हम दिसंबर में काम पूरा नहीं कर पाएंगे। फिलहाल गति बढ़ाने के लिए गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
परकोटा बनने के बाद लगेगी फसाड लाइट
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि फसाड लाइट कब लगेगी, यह अभी तय नहीं हो सका है। रविवार को देश-विदेश की पांच कंपनियों ने प्रस्तुतीकरण दिया है। सबने अपनी-अपनी विशेषताएं बताई हैं, अभी किसी का चयन नहीं हुआ है। परकोटे का काम पूरा होने के बाद ही फसाड लाइट लगाई जाएगी। इन लाइटों को परकोटे की छत पर लगाया जाना है, इसलिए अभी केवल प्रेजेंटेशन देखा गया है।