अयोध्या। बिजली निगम की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) में लापरवाही पर अधीक्षण अभियंता ने नाराजगी जताई है। सभी अधिशासी अभियंता, एसडीओ समेत 36 अधिकारियों को नोटिस देकर लक्ष्य के सापेक्ष पंजीकरण करवाने के निर्देश दिए हैं।
जिले के सभी डिवीजन में लगभग पांच लाख बिजली उपभोक्ता पंजीकृत हैं। इनमें 2,75,638 उपभोक्ताओं पर बिजली निगम का 458.61 करोड़ रुपये बिल बाकी था। इसमें भी 340.29 करोड़ रुपये ब्याज है। उपभोक्ताओं को ब्याज में शत-प्रतिशत व मूलधन में 25% छूट का लाभ देने के लिए एक दिसंबर से एकमुश्त समाधान योजना शुरू हुई थी। योजना का पहला चरण पूर्ण होने में सिर्फ नौ दिन शेष हैं। इसके बावजूद अब तक महज 6.65% उपभोक्ताओं ने ही पंजीकरण करवाकर महज 13.60 करोड़ रुपये जमा किया है।
लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति न होने पर अधीक्षण अभियंता विनय कुमार ने चारो डिवीजन के अधिशासी अभियंता, 12 एसडीओ और लगभग 20 अवर अभियंताओं को नोटिस दी है। निर्धारित अवधि में अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को योजना से जोड़कर बकाया बिल वसूलने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए शिविरों में जाकर लोगों को जागरूक करने, योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए अधिक से अधिक पंजीकरण कराने को कहा गया है। अपेक्षित परिणाम न दिखने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि योजना के पहले चरण की अवधि पूरी होने वाली है। इसके बाद मूलधन में छूट की दर कम हो जाएगी। योजना के क्रियान्वयन में जो भी अधिकारी ढिलाई बरत रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।