09- जैन मंदिर रायगंज में पूजन करते स्वामी रवींद्रकीर्ति व अन्य- संगठन
अयोध्या। जैन मंदिर रायगंज में आस्था, तप और त्याग के प्रतीक भगवान ऋषभदेव का निर्वाण महोत्सव निर्वाण लाडू अर्पित कर हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। जैन समाज की सर्वोच्च साध्वी गणिनी प्रमुख ज्ञानमती के पावन सानिध्य में प्रातः काल मंदिर में 31 फीट ऊंची भगवान ऋषभदेव की प्रतिमा के समक्ष सर्वप्रथम पंचामृत का अभिषेक किया गया, जिसमें मुख्य रूप से जल, नारियल जल, गन्ने का रस, घृताभिषेक, दूध, दही, सर्वोषधी से भगवान का अभिषेक किया गया।
विश्व शांति की कामना से भगवान के मस्तक पर महाशांति धारा संपन्न की गई।जैन मंदिर के पीठाधीश रवींद्र कीर्ति स्वामी ने बताया कि करोड़ों वर्ष पूर्व भगवान ऋषभदेव ने शाश्वत तीर्थ अयोध्या की पावन पुण्य धरा पर जन्म लिया एवं राज्य का संचालन किया। जनेश्वरी दीक्षा ग्रहण करके कैलाश पर्वत पर जाकर घोर तप करके मोक्ष को प्राप्त किया। माघ कृष्ण चतुर्दशी को भगवान ने कैलाश पर्वत से निर्माण को प्राप्त किया। उन्होंने सारे विश्व को अहिंसा,मैत्री, जीयो और जीने दो का उपदेश दिया। भगवान ऋषभदेव ने मानव समाज को अहिंसा, सत्य और संयम का मार्ग दिखाया। उनका जीवन आज के युग में मार्गदर्शक हे।
आर्यिका चंदनमती ने कहा कि निर्वाण लाडू समर्पण का प्रतीक है, जो संयम, साधना और आत्मशुद्धि का संदेश देता है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं। जैन मंदिर के मंत्री विजय कुमार जैन ने समस्त अनुष्ठान संपन्न कराया। इस अवसर पर जीवन प्रकाश जैन, अमरचंद जैन लखनऊ, सुरेंद्र जैन, मनोज जैन, आदेश जैन सहित अन्य जैन श्रद्धालु मौजूद रहे।