अयोध्या। जानकी नवमी पर रामनगरी मां सीता के जन्मोत्सव के उल्लास में डूबी नजर आई। श्रीराम जन्मोत्सव की तर्ज पर मंदिरों में दोपहर 12 बजते ही घंटे-घड़ियाल की ध्वनि के बीच प्राकट्य आरती की गई। जनकसुता जग जननि जानकी, अतिसय प्रिय करुणानिधान की। ताके जुग पद कमल मनावऊं। जासु कृपा निरमल मति पावऊं... के गान के साथ संत-धर्माचार्य के साथ श्रद्धालु मां जानकी की वंदना करने लगे।
भगवान श्रीराम के साथ मां जनकनंदिनी भी अयोध्या में शिरोधार्य हैं। इसकी पुष्टि मंगलवार को जानकी नवमी पर हुई, जब मां सीता के जन्मोत्सव का उल्लास रामनगरी में छलकता दिखा। दोपहर 12 बजते ही मंदिरों में घंटा-घड़ियाल बजने लगे। कनक भवन में प्राकट्य आरती के दौरान भक्तों की भीड़ रही। यहां चल रहे उत्सव की पूर्णाहुति पूर्णिमा पर भगवान सीताराम की अष्ट सखियों में प्रधान सखी चारुशिला की जयंती पर होगी।
दशरथ महल बड़ास्थान में महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य की अध्यक्षता में जानकी प्राकट्य की धूम रही। शाम को यहां भजनों की महफिल सजी तो श्रीराम महायज्ञ की पूर्णाहुति में भी भक्तों की भीड़ रही।.श्रीरामबल्लभाकुंज में उत्सव की भव्यता देखते ही बनी। मंदिर के अधिकारी राजकुमार दास की देखरेख में श्रीसीताराम का भव्य श्रृंगार कर फलों का भोग अर्पित किया गया। बधाई गान के जरिये माता सीता के प्रति अनुराग अर्पित किया गया। लक्ष्मण किला में जन्मोत्सव से पहले बधाई गीत की महफिल सजी। महंत मैथिली रमण शरण व अधिकारी सूर्य प्रकाश शरण के सानिध्य में उत्सव पूर्णिमा तक संचालित होगा।
मां सीता का मायका माने जाने वाले जानकी महल में देवी मां का जन्मोत्सव श्रद्धापूर्वक मना। देर शाम भगवान को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। देवकाली मंदिर में फूलों की झांकी सजाई गई। यहां चल रहे अखंड नाम संकीर्तन की भी पूर्णाहुति हुई। राम जन्मभूमि से सटे प्राचीन रंगमहल, सियाराम किला, छोटी देवकाली, बड़ा भक्तमाल व जानकी घाट बड़ा स्थान सहित सैकड़ों मंदिरों में उत्सव की धूम रही।
जानकी नवमी भव्य महल में विराजमान रामलला के दरबार में भी मनाई गई। रामलला का पूजन-अर्चन कर फलों का भोग लगाया गया। इसी तरह नाका हनुमानगढ़ी में महंत रामदास के संयोजन में जानकी जन्मोत्सव का उल्लास दिखा। दोपहर 12 बजे हनुमान जी का भव्य श्रृंगार किया गया और सवा मन लड्डुओं सहित फलों का भोग लगाकर भक्तों को प्रसाद बांटा गया
जानकी नवमी पर महंत गया दास की ओर से सीताकुंड पर रामार्चा पूजन का शुभारंभ किया गया। इससे पहले साधु-संतों के जत्थे ने रामकोट की परिक्रमा की। महंत गया दास ने बताया कि रामार्चा पूजन का समापन बुधवार को होगा। इस दौरान वृहद भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा।