2-सिविल लाइन में ठंड में परेशान बंदर।-संवाद
अयोध्या। फुहारों के रूप में कोहरा बरसने लगा। ऐसे में कोहरे के जल वाष्प के चलते जमीन भीग गई। पारा पांच डिग्री लुढ़क गया। चार दिनों के बाद एक बार फिर से घने बादल छा गए। पूरे दिन धूप के दर्शन नहीं हुए। इसके चलते गलन बढ़ गई। शीतलहर सताती रही।
शनिवार को सुबह से मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही रहा। कोहरे का प्रभाव तो नहीं रहा लेकिन घने बादल छाए रहे। ऐसे में हाईवे और अन्य मार्गों पर दृश्यता पर कोई प्रभाव न पड़ने से वाहनों का आवागमन सामान्य रहा। स्कूलों में शीतकालीन अवकाश होने के चलते छात्र-छात्राओं के लिए भी राहत रही। उन्हें ठिठुरन के दौर में घरों से निकल कर स्कूल जाने के लिए विवश नहीं होना पड़ा। सरकारी कार्यालयों में छुट्टी होने के चलते अफसर और कर्मचारियों को भी मुसीबत नहीं झेलनी पड़ी।
शुक्रवार रात से चली तेज हवा का दौर शनिवार को दिन भर जारी रहा। रात में तो आंधी की तर्ज पर 12 से 13 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। दिन में इसकी रफ्तार 7.4 किमी प्रति घंटे और दिशा उत्तरी-पश्चिमी रही। बादलों के छाए रहने के चलते दिन के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान सामान्य से पांच और शुक्रवार की तुलना में 4.5 डिग्री कम होने के साथ छह दिन पहले के स्तर 15 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। पिछले रविवार को भी दिन का तापमान सामान्य से 6.5 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 और एक दिन पहले की तुलना में चार डिग्री की वृद्धि के साथ 12 पर पहुंच गया।
पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश के चलते बदला मौसम का मिजाज
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. सीताराम मिश्र ने बताया कि पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश हो रही है। इसके चलते मैदानी क्षेत्र में बर्फीली हवा आ रही है। ऐसे में दिन के तापमान में गिरावट आई है। आसमान में बादल के आ जाने से अधिकतम तापमान मेंं बढ़ोत्तरी और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शीतलहर को प्रकोप फिर शुरू हो गया है। रविवार को दिन में एक से दो घंटे के लिए हल्की धूप निकल सकती है। हवा तेज गति से चलने के कारण कोहरे का प्रभाव कम रहेगा।
2-सिविल लाइन में ठंड में परेशान बंदर।-संवाद