एनसीसी कैडेटों के साथ कुलपति व अन्य।
कुमारगंज। कृषि विश्वविद्यालय में एनसीसी यूनिट को पूर्ण स्व-वित्त पोषित योजना (एफएसएफएस) से मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जाएगा। इससे एनसीसी की सीटों की संख्या बढ़ेगी और अधिक छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। यह घोषणा बृहस्पतिवार को कुलपति डॉ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने एनसीसी कैडेटों को बी एवं सी प्रमाणपत्र वितरित करते हुए की।
कुलपति डॉ. सिंह ने कहा कि एनसीसी प्रशिक्षण से युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है। उनमें देश सेवा की भावना मजबूत होती है। एनसीसी के माध्यम से छात्र-छात्राओं को हथियार संचालन, अनुशासन और शारीरिक दक्षता का प्रशिक्षण मिलता है। नेतृत्व विकास और आपदा प्रबंधन जैसी उपयोगी जानकारियां भी प्राप्त होती हैं।
कुलपति ने कहा कि कई देशों में नागरिकों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है। वर्तमान में युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण के लिए एनसीसी जैसी गतिविधियां महत्वपूर्ण हैं। इस प्रयास की सफलता से रक्षा सेवाओं और अन्य प्रतियोगी क्षेत्रों में बेहतर अवसर मिलेंगे। इतना ही नहीं राष्ट्रीय सुरक्षा और आपदा जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए युवाओं को तैयार किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. डी. नियोगी, डॉ. जसवंत सिंह, ले. डॉ. नवीन कुमार सिंह, डॉ. देवनारायण पटेल, सूबेदार मेजर बहादुर सिंह, नरेंद्र सिंह और दिनेश सहित अन्य अधिकारी व कैडेट उपस्थित रहे।